What is robotic science?:रोबोटिक्स साइंस क्या है?

रोबोटिक में भविष्य (करियर) कैसे बनाएं? (robotic me future (career) kaise banaye?) रोबोटिक इंजीनिय कैसे बने ? (robotics engineer kaise bane?) रोबोटिक्स में रोजगार के विकल्प क्या है ( robotic me rojagaar  ke vikalp kya hai),कृत्रिम बुद्धिमत्ता में कैरियर (a career in artificial intelligence) आइयें जानें रोबोटिक्स साइंस क्या है?(What is robotic science?)

आज के समय में छात्र अपने करियर को लेकर बहुत गंभीर हैं. 21 वि शताब्दी का युग अर्थात हाईटेक युग के तरफ बढ़ते कदम और इसके साथ ही पढ़ाई के अवसर भी हाईटेक होते जा रहे हैं. पारंपरिक इंजीनियरिंग की डिग्री के अलावा, अब आधुनिक पाठ्यक्रम भी चलन में हैं. ऐसी स्थिति में करियर और वेतन के लिहाज से रोबोटिक्स सबसे अच्छा कोर्स साबित हो सकता है. Robotic science

छात्र पहले से योजना बनाते हैं कि हमें किस क्षेत्र को चुनना है. बढ़ती प्रतिस्पर्धा के इस युग में, कैरियर के विकल्प भी काफी बढ़ गए हैं. इंजीनियरिंग में भी कई विकल्प उपलब्ध हैं. अगर आप इस तरह से इंजीनियरिंग करने की सोच रहे हैं, तो आइए जानते हैं ऐसे ही करियर विकल्पों के बारे में जो आपको आगे बढ़ने में मदद कर सकते हैं. Robotic science

What is robotic science?:रोबोटिक्स साइंस क्या है?

इंजीनियरिंग की इस ब्रांच में रोबोट्स की डिजाइनिंग, एप्लीकेशन और कंस्ट्रक्शन का काम किया जाता है. मैन्युफैक्चरिंग की प्रक्रिया में तेजी लाने और आउटपुट बढ़ाने में रोबोट्स की अहम भूमिका होती है. रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी में तेजी से हो रहे विस्तार से इस फील्ड में कॅरिअर की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं. Robotic science

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प्रस्तावना: Preface (robotic science)

एक रिपोर्ट के अनुसार, रोबोटिक्स तेजी से बढ़ता वैश्विक व्यापार बन गया है. 2014 में, दुनिया भर में लगभग 2,30,000 रोबोट बेचे गए थे. यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक था. 2014 के अंत में, चीन में रोबोट की कुल संख्या 1,80,000 थी. जबकि भारत में लगभग 12,000 रोबोट थे. Robotic science

जहां रोबोट ने शारीरिक क्षमताओं के मामले में मनुष्य को पीछे छोड़ दिया है, अब रोबोट मस्तिष्क कार्यों के मामले में मनुष्यों को हरा सकते हैं. जापान की सॉफ्ट बैंक कॉर्प जैसी दुनिया की कई कंपनियां रोबोट विकसित कर रही हैं जो मानव दिमाग की तरह काम करते हैं. ये रोबोट विभिन्न प्रकार के कार्य जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, सैनिक, प्रोफेसर, संपादक, इंजीनियर, एकाउंटेंट और सेल्समैन.

भारत में रोबोट, ऑटोमोबाइल उद्योग में रोबोट की संख्या देश में सबसे अधिक है. सानंद की फोर्ड की नई इकाई में 437 रोबोट तैनात हैं. रोबोट एक बॉडी शॉप में 95 प्रतिशत काम करते हैं. इन आंकड़ों को देखते हुए, यह कहा जा सकता है कि रोबोटिक्स के क्षेत्र में कैरियर की संभावनाएं बहुत अधिक हैं. Robotic science

रोबोटिक्स की परिभाषा:Robotic Definition

विज्ञान के माध्यम से नई मशीनों पर लगातार शोध किया जा रहा है, जिनमें से एक मशीन रोबोट है. यह एक स्वचालित और रिप्रोग्रामेबल मशीन है जो इंसानों की तरह काम कर सकती है और रोबोट बनाने की तकनीक को ‘रोबोटिक्स साइंस’ कहा जाता है. Robotic science

रोबोटिक्स इंजीनियरिंग रोबोट ऑपरेटिंग तकनीकों के डिजाइन, निर्माण और विकास पर काम करती है. रोबोट को संचालित करने के लिए एक कम्प्यूटरीकृत नियंत्रण तकनीक का उपयोग किया जाता है, जो सेंसर और सूचना प्रोसेसर के तालमेल पर आधारित है. यह कंप्यूटर-आधारित तकनीक जितनी उन्नत है, रोबोट की कार्यक्षमता भी उतनी ही अधिक है. Robotic science

रोबोटिक्स में, कंप्यूटर का उपयोग हेरफेर और प्रसंस्करण के लिए किया जाता है. रोबोटिक्स इंजीनियरिंग शाखा रोबोट के विकास और उपयोग के लिए बुनियादी इंजीनियरिंग सिद्धांतों और तकनीकी कौशल सिखाती है. इसमें डिज़ाइन निर्देश, ऑपरेशन परीक्षण, सिस्टम रखरखाव, मरम्मत आदि शामिल हैं. Robotic science

अगर आप रोबोटिक्स में पढ़ाई के बारे में बात करते हैं, तो यह मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस का एक हिस्सा है. इन इंजीनियरिंग शाखाओं में, रोबोट डिजाइन, निर्माण, बिजली की आपूर्ति, सूचना प्रसंस्करण और सॉफ्टवेयर काम करते हैं.

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रोबोट का इतिहास : History of robot

रोबोट बनाने का श्रेय स्पेरी गैरोस्कोप को जाता है क्योंकि वह वर्ष 1913 में बनाया गया था। लेकिन इसे पहली बार 1932 में लंदन रेडियो में आम जनता को दिखाया गया था। कुछ साल बाद, अमेरिकी कंपनी ने रोबोट को बेचने की योजना बनाई, और कंपनी ने रोबोट खरीदे और श्रमिकों को निरस्त कर दिया और रोबोट ने अपने स्थान पर काम करना शुरू कर दिया.

इस्साक असिमोव ने 1950 में प्रकाशित अपनी पुस्तक ”आई रोबोट” में रोबोटिक्स से संबंधित तीन नियम  बताएं है वे निम्नलिखित है रोबोटिक्स सायंस में बहुत महत्वपूर्ण है……

  • पहले नियम के अनुसार, रोबोट कभी भी मानव को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं.
  • दूसरे नियम के अनुसार, रोबोट पहले नियम का उल्लंघन किए बिना मनुष्यों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करेगा.
  • तीसरे नियम के अनुसार, रोबोट दोनों नियमों का उल्लंघन किए बिना अपना बचाव करेगा.

Robot work:

रोबोटिक्स सायंस (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का अध्ययन) में कम्प्यूटर में मनुष्य जैसी विचार करने की क्षमता, किसी को देखने के बाद अपने चेहरे के भाव बदलना अर्थात रोबोट में इंसानों जैसी बुद्धि निर्माण करना अर्थात रोबोट के लिए कम्प्यूटर प्रोग्राम तैयार करना प्रोग्राम के माध्यम से बताएं गए काम को रोबोट आसानी से करता है. इसमें रिसर्च की दो मुख्य धाराएं होती हैं. एक है जैविक, जो इस विचार पर आधारित है कि मनुष्य सबसे बुद्धिमान होता है, इसमें शोध की दो मुख्य धाराएँ हैं. एक जैविक है, जो इस विचार पर आधारित है कि मनुष्य सबसे बुद्धिमान है, इसलिए मनुष्य का अध्ययन किया जाना चाहिए और उसके मनोविज्ञान या शरीर की संरचना को रोबोटों द्वारा कॉपी किया जाना चाहिए। दूसरी घटना है, जो दुनिया के बारे में सामान्य ज्ञान के अध्ययन से संबंधित है. रोबोटिक्स विशेषज्ञ उन प्रणालियों को विकसित करते हैं जिन्हें मशीनों के साथ इंटरैक्ट किया जा सकता है.

विकास के लिए रोबोट बनाए जाते हैं, विनाश के लिए नहीं, रोबोट का इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ न्यूक्लियर साइंस, सी-एक्सप्लोरेशन, हॉर्ट-सर्जरी, कार असेम्बलिंग, लैंडमाइंस, बायोमेडिकल, रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट, ऑटोमोटिव इंडस्ट्री, एयरोस्पेस, भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड, भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर, आईआईटीज, ग्लास, रिलायंस, एलऐंडटी, स्टील इंडस्ट्री, मेडिकल, शीट टेस्टिंग आदि में रोबोट का इस्तेमाल होने लगा है.

रोबोट के प्रकार : Robot type
  • औद्योगिक रोबोट (Industrial robot) :TAL मैन्युफैक्चरिंग सॉल्यूशंस ने अप्रैल 2017 में पहले भारतीय औद्योगिक रोबोट ब्राबो (BRABO) का अनावरण किया, जो भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए स्वदेशी रूप से विकसित हुआ.
  • घरेलू रोबोट (Domestic robot) : घरेलु रोबोट घर के कामों में हात बटाना, घर की साफसफाई करना, वैक्यूम, फर्श धोना, लॉन की साफसफाई, घास काटना आदि काम करते है.
  • मेडिकल रोबोट (Medical Robot) : मेडिकल रोबोट मेडिकल साइंस में इस्तेमाल होने वाला रोबोट है. मेडिकल रोबोट के भी प्रकार है जैसे की,..सर्जिकल रोबोट, पुनर्वास रोबोट, Biorobots, टेलीपेरेंस रोबोट, फार्मेसी स्वचालन, सहयोगी रोबोट, ड्रग डिलीवरी स्वचालन, कीटाणुशोधन रोबोट, व्हीलचेयर रोबोट, मेडिकल माइक्रो रोबोट आदि रोबोट मेडिकल फिल्ड में रहते है.
  • सेवा रोबोट (Service robot) : होटल उद्योग और हॉस्पिटैलिटी में सेवा रोबोट सेवा प्रदान करते है.
  • सैन्य रोबोट (Army robot) : सैन्य रोबोट सैन्य की रक्षा करने के लिए रहते है.
  • मनोरंजन रोबोट (Entertainment robots): यह आमतौर पर मालिक या उसके घरों, मेहमानों या ग्राहकों की सेवा करता है.
  • अंतरिक्ष रोबोट (Sky robot) : इसरो अंतरिक्ष में मानवयुक्त मिशन भेजने से पहले दो बार एक रोबोट (मानव जैसा ह्यूमनॉइड मॉडल) भेजेगा. जिसका नाम ‘व्योमित्र’ होगा, ह्यूमनॉइड मॉडल भेजने का उद्देश्य मानव मिशन के दौरान होने वाली किसी भी बाधा का अनुमान लगाना और उससे निपटना है.
  • सोफिया रोबोट (Sophia robot) : सोफिया रोबोट हॉन्गकॉन्ग की कंपनी हेंसन द्वारा निर्मित है. कंपनी के संस्थापक डॉ. डेविड हेंसन ने इसे खुद डिजाइन किया था. मनुष्यों के समान दिखने वाली सोफिया रोबोट किसी के पहचान की मौताज नहीं है. सोफिया रोबोट बनाने वाले डॉ.हैन्सन ने सोफिया रोबोट की त्वचा पोर्सिलेन से बनाया है, इस के कारण रोबोट का चेहरा इंसानों की त्वचा जैसा दिखता है.
  • सोफिया रोबोट का चेहरा हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री ऑड्रे हेपबर्न पर बनाया गया है. सोफिया रोबोट इंसानों की तरह काम कर सकते हैं और बात करते समय पलक झपका सकते हैं। यह अपने चेहरे पर 62 प्रकार की भावनाओं को प्रकट करता है.  सोफिया रोबोट आइब्रो, मुंह और गर्दन को भी हिला सकता है. सोफिया को सऊदी अरब की नागरिकत्व प्रदान है. सऊदी अरब ने सोफिया रोबोट को नागरिकता दी है और ऐसा करने वाला वह दुनिया का पहला देश बन गया है. सोफिया रोबोट ने एनबीसी चैनल के मशहूर शो ‘द टुनाइट शो स्टारिंग जिमी फॉलन’ में भी अपनी झलक दिखाई है.जब सोफिया ने 2017 में मुंबई में आयोजित टेक फेस्ट में भारतीय परिधानों में मंच पर कदम रखा, तो मंच पर सभी ने हिंदी में बात की, जब सोफिया ने मंच से लोगों से हिंदी में बात की, तो तालियों के साथ स्वागत किया गया.

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रोबोटिक्स के लिए शैक्षिक योग्यता:Educational qualification for robotics
  • जिन छात्रों ने (भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित) विषयों के साथ 12 वीं उत्तीर्ण की है वे रोबोटिक इंजीनियरिंग में बीई या बीटेक कोर्स में दाखिला ले सकते हैं.
कोर्स: Course

रोबोटिक्स इंजीनियरिंग, रोबोटिक्स के क्षेत्र में करियर बनाने का सबसे अच्छा विकल्प है. रोबोटिक्स इंजीनियर पेशेवर हैं जो रोबोट के साथ रोबोटिक सिस्टम विकसित करते हैं. अपने चार वर्षीय पाठ्यक्रम में, छात्र मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के साथ-साथ कंप्यूटर विज्ञान की सभी शाखाओं का अध्ययन करते हैं.

  • डिप्लोमा इन रोबोटिक्स
  • बीई इन रोबोटिक्स इंजीनियरिंग
  • बीटेक इन रोबोटिक्स
  • बीई इन एडवांस्ड रोबोटिक्स
  • बीई इन रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन इंजीनियरिंग
  • बीटेक इन मेकेट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग
  • एमई/ एमटेक इन ऑटोमेशन एंड रोबोटिक्स
  • एमई/ एमटेक इन रोबोटिक्स इंजीनियरिंग
जॉब / करियर: Job / Career 

भारतीय इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन इंडस्ट्री करीब 2 बिलियन डॉलर के आसपास की है, ऑटोमेशन इंडस्ट्री 2030 तक 7 बिलियन डॉलर के करीब पहुंचने की उम्मीद है. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अनुमान के अनुसार, 2022 तक विश्व में करीब 133 मिलियन नई नौकरियां क्रिएट होने की संभावना है. इससे रोबोटिक इंजीनियरिंग करने वाले युवाओं के लिए मौके की कमी नहीं होगी.

रोबोट तेजी से उद्योग के बीच मनुष्यों की जगह ले रहा है. रोबोट के इस्तेमाल से कंपनियों को कई फायदे हैं. एक, उन्हें कम खर्च करना होगा. दूसरा उत्पादकता को भी प्रभावित करता है. एक रोबोट इंसान से ज्यादा समय तक काम कर सकता है.

  • अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO),
  • माइक्रोचिप बनाने वाले उद्योग
  • नासा,
  • प्राइवेट इंडस्ट्रीज,
  • कंप्यूटर कंट्रोल्ड मशीन प्रोग्रामिंग,
  • रोबोटिक सेल्स
  • मैन्युफैक्चरिंग,
  • मेनटेनेंस,
  • रोबोटिक्स टेक्नीशियन
  • न्यूक्लियर पावर प्लांट की रिसर्च टीम,
  • ऑटोमोबाइल, पेट्रोलियम  इंडस्ट्री
  • स्पेस एक्सप्लोरेशन एवं पावर प्लांट
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्‍पेशलिस्‍ट
  • रोबोटिक्स साइंटिस्ट
  • रोबोटिक्स इंजीनियर
सैलरी / salary
  • प्रोफेशनल डिग्री धारक शुरवात में  50 हजार से लेकर 1 लाख रूपये प्रति माह  कमा सकते है।
  • एक्सपीरियंस होने के बाद आप 2 से 3 लाख रूपये महीने कमा सकते है।
  • भारत में सैलरी 5-6 लाख रुपये सालाना पैकेज से शुरू होती है.
  • विदेशों में सैलरी पॅकेज अधिक रहता है.
संस्थान
  • कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे
  • आईआईटी-बॉम्बे, चेन्नई, दिल्ली, कानपुर
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु
  • जादवपुर यूनिवर्सिटी, कोलकाता
  • बिट्स, पिलानी
  • ओस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद
  • इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बीएचयू, वाराणसी
  • दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
  • एमएस यूनिवर्सिटी, वडोदरा

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Post Name: रोबोटिक्स साइंस क्या है?What is robotic science? 

Description : तकनीक के क्षेत्र में दुनिया तेजी से विकास कर रही है. कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रोबोट का उपयोग किया जा रहा है. बढ़ती आवश्यकता के कारण, रोबोटिक्स के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ रही हैं. इस क्षेत्र को करियर बनाकर आप अपने सपनों को साकार कर सकते हैं. आजकल रोबोट खुदाई और उत्खनन जैसी जगहों पर और मनुष्यों के लिए नामुनासिब स्थानों में बड़े पैमाने पर उपयोग किए जा रहे हैं. इसके अलावा, रोबोट खेती और माल ढुलाई जैसे अधिक श्रम-गहन कार्यों में भी अच्छा कर रहे हैं. यहां तक ​​कि चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में भी, रोबोट अपना प्रभाव दिखा रहे हैं.

Author: अमित

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