How to create a future in biotechnology?: बायो क्या है?

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What is biotechnology?:बायोटेक्नोलॉजी क्या है?, बायो में करियर कैसे बनाये? (How to make a career in Bio?) आइए जानते हैं क्या है बायो? (Let’s know what is Bio?(Biodiversity)  PHD on Counseling Education

एक समय था जब विज्ञान के नाम पर केवल कुछ करियर विकल्प थे. अब समय बदल गया है और विज्ञान के क्षेत्र में भी कई कैरियर विकल्प हैं. ऐसे में केवल एक ट्रैक पर चलने की क्या जरूरत है? आइए हम आपको बताते हैं कि और कौन से विकल्प हैं, जिनमें आप अपना करियर बना सकते हैं. यदि आप भी एक विज्ञान के छात्र हैं और कुछ अलग करना चाहते हैं, तो बायोटेक्नोलॉजी  आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है. Donating Used Cars to Charity biotechnology

How to create a future in biotechnology?: बायो क्या है?

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बायोटेक्नोलॉजी एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें करियर की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. यह जीव विज्ञान और प्रौद्योगिकी का मिश्रण है. इसमें नए उत्पादों को विकसित करने के लिए जैविक पौधों और जानवरों के साथ प्रयोग करना शामिल है. इसे बायोटेक के नाम से भी जाना जाता है. इसके अध्ययन बीएससी जैव प्रौद्योगिकी से संबंधित हैं. यह इस क्षेत्र में करियर बनाने का रास्ता खोलता है. आइये इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.

जैव प्रौद्योगिकी की नीव भारत जैसे विकासशील देश में तेजी से फैल रही हैं. मेक इन इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया के शीर्ष 12 बायोटेक गंतव्यों में से एक है और एशिया प्रशांत में तीसरा है. इससे पता चलता है कि जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र से पेशेवरों की मांग बढ़ रही है. भारत में 350 से अधिक जैव प्रौद्योगिकी कंपनियां हैं और बायोटेक में विशेषज्ञता पाठ्यक्रम करना अब बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है.

जैव प्रौद्योगिकी क्या है?:biotechnology definition

‘बायो’ अर्थात् जीवित और ‘टेक्नोलॉजी’ अर्थात् नवीन तकनीकों का उपयोग अर्थात् इसके मुताबिक बायोटेक्नोलॉजी का मतलब है जीवित प्राणियों पर तकनीक का इस्तेमाल करना. जीव-जंतु, पेड़-पौधे, दवाईयाँ जैविक समस्या, खेती, मेडिकल,  ब्लू टेक्नोलॉजी, ग्रीन बायोटेक्नोलॉजी, रेड बायोटेक्नोलॉजी, वाइट बायोटेक्नोलॉजी आदि पर शोध करने के लिए बायोटेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता है. Royalty Free Images Stock

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डिप्लोमा कोर्स  Email Bulk Service

  • शैक्षणिक योग्यता :  10 वीं क्लास में मैथमेटिक्स और साइंस सब्जेक्ट के साथ पास होने पर  बायोटेक्नोलॉजी में डिप्लोमा कोर्स करने के लिए अप्लाई कर सकते हैं अथवा यह कोर्स करने के लिए छात्र का इंटरमीडिएट 12 वीं में 50 प्रतिशत अंको के साथ जीव विज्ञान विषय में पास होना जरूरी है. तभी diploma या अन्य course कर सकते है.
  • समय सिमा: 3 वर्ष

अंडरग्रेजुएट कोर्सेज

  • शैक्षणिक योग्यता : यह कोर्स करने के लिए छात्र का इंटरमीडिएट 12वीं में 50 प्रतिशत अंको के साथ  जीव विज्ञान विषय में पास होना जरूरी है. तभी diploma या अन्य course कर सकते है.
  • समय सिमा: 4 वर्ष .

पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज

इस कोर्स को बायोटेक्नोलॉजी में एमटेक या बायोटेक्नोलॉजी में एमएससी कह सकते है इसके लिए निम्न लिखित शैक्षणिक योग्यता और कालावधि है.

  • शैक्षणिक योग्यता : बायोटेक्नोलॉजी में ग्रेजुएट
  • समय सिमा: 2 वर्ष .

डॉक्टोरल प्रोग्राम्स

  • शैक्षणिक योग्यता : पोस्टग्रेजुएशन डिग्री के बाद पीएचडी कोर्सेज के लिए अप्लाई कर सकते हैं.
  • समय सिमा: 3 से 4 वर्ष.

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जैव-प्रौद्योगिकी के तहत उप-विशेषज्ञ पाठ्यक्रम:Sub-specialist courses under Biotechnology

बायोटेक्नोलॉजी में अध्यन करते समय आपको एक विषय में विशेषज्ञ बनने के लिए निम्नलिखित विषयों में से किसी भी एक विषय का चुनाव कर सकते है. इस कोर्स का चुनाव करने के लिए अंडरग्रेजुएट या पोस्टग्रेजुएशन होना चाहिए. सभी कॉलेज यह विषय ऑफर नहीं करते है इसीलिए आपको कॉलेज में प्रवेश लेते समय जानकारी लेना आवश्यक है.

जेनेटिक : 

  • जेनेटिक इंजीनियरिंग विज्ञान की अत्याधुनिक शाखा है. यह क्षेत्र जैव प्रौद्योगिकी के अंतर्गत आता है. इसमें अत्याधुनिक तकनीक के जरिए जीवित प्राणियों के डीएनए कोड में मौजूद जेनेटिक कोड को बदल दिया जाता है। आनुवांशिक तकनीकों के माध्यम से, जींस की मदद से पेड़, पौधों, जानवरों और मनुष्यों में अच्छे गुणों का विकास किया जाता है.

यूरोलॉजी : 

  • कैंसर, पुरुष यौन रोग, मूत्र असंयम, श्रोणि दर्द, मूत्र पथरी, पुरुष बांझपन और प्रोस्टेट रोग. मूत्र पथ पुनर्निर्माण, प्रोस्टेट इमेजिंग और बायोप्सी, क्रायोसर्जरी और स्थानीयकृत कैंसर के लिए रेडियोधर्मी बीज आरोपण की पेशकश की जाती है, विभिन्न प्रकार के विकारों वाले रोगियों के लिए नई उपचार तकनीकें उपलब्ध हैं. आदि का अध्यन किया जाता है.

इम्यूनोलॉजी : 

  • शरीर को बिमारियों से बचाव करने के लिए इम्यून सिस्टिम का अध्यन किया जाता है.

बायो-स्टेटिस्टिक्स:

  • बायोस्टैटिस्टिक्स जैविक या चिकित्सा विज्ञान के लिए लागू आँकड़ों की एक शाखा है.जिसमें जीवित चीजों के जैव-गुणों को गणित और सांख्यिकी  का उपयोग करके वर्णित और वर्गीकृत किया जाता है

फार्माकोलॉजी:

  • फार्माकोलॉजी के अध्ययन की विभिन्न शाखाओं में नैदानिक ​​फार्माकोलॉजी, दवाओं का अध्ययन शामिल है; विष विज्ञान, दवाओं के हानिकारक प्रभावों का अध्ययन; सकारात्मकता, क्या दवाओं और क्या खुराक का अध्ययन किया जाना चाहिए; और तंत्रिका विज्ञान, तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव का अध्ययन
  • मॉलिक्यूलर बायोलॉजी:
  • एनिमल हसबेंड्री:
जैव प्रौद्योगिकी प्रवेश प्रक्रिया : Biotechnology admission process

बायोटेक्नोलॉजी में प्रवेश के समय शैक्षिक योग्यता ज्ञात होनी चाहिए. यदि कोई उम्मीदवार पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं करता है, तो उसे कॉलेज में प्रवेश नहीं मिलेगा. जैव प्रौद्योगिकी संस्थान में प्रवेश पाने के लिए, इस संदर्भ में पूर्ण ज्ञान होना चाहिए.

डिप्लोमा :

  • गणित और विज्ञान विषयों के साथ 10 वीं की परीक्षा पास करने वाले छात्र बायोटेक्नोलॉजी में डिप्लोमा कोर्स करने के लिए आवेदन कर सकते हैं.

ग्रेजुएशन : 

  • अंडरग्रेजुएट कोर्स के लिए आवेदन करने के लिए छात्र को फिजिक्स, मैथ्स, बायोलॉजी और केमिस्ट्री के साथ 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए. जिन छात्रों ने 10 वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद डिप्लोमा प्राप्त किया है, वे भी स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं. डिप्लोमा प्राप्त करने वाले छात्रों को 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों की तुलना में अधिक महत्व दिया जाता है. डिप्लोमा धारकों को बायोटेक्नोलॉजी के 2 वर्षीय B.Tech.BE कोर्स में सीधे प्रवेश दिया जाएगा.

पोस्टग्रेजुएशन :

  • जैव प्रौद्योगिकी में एमटेक के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को कम से कम 50% अंकों या समकक्ष योग्यता के साथ स्नातक होना आवश्यक है. संस्थान के आरक्षण कोटा और प्रवेश नीति के अनुसार, प्रत्येक संस्थान का अनुशंसित प्रतिशत भिन्न हो सकता है.

डॉक्टोरल प्रोग्राम्स : 

  •  डॉक्टरेट कार्यक्रम में प्रवेश लेने के लिए जैव प्रौद्योगिकी में मास्टर डिग्री बहुत महत्वपूर्ण है। कुछ विश्वविद्यालय अपने पीएचडी में प्रवेश के लिए मास्टर इन फिलॉसफी (एमफिल) डिग्री आवश्यक है.

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प्रवेश परीक्षा : entrance examinations

छात्रों को ग्रेजुएशन, पोस्टग्रेजुएशन, डॉक्टोरल प्रोग्राम्स पूरा करने  के लिए आईआईटी, इंजिनयरिंग कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए प्रवेश परीक्षा (Entrance examinations) देनी होती है.  डिप्लोमा, ग्रेजुएशन, पोस्टग्रेजुएशन, डॉक्टोरल प्रोग्राम्स के प्रवेश पाने के लिए नेशनल लेवल, यूनिवर्सिटी लेवल और स्टेट लेवल पर Entrance examinations का आयोजन किया जाता है.

जैव प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रम में प्रवेश करने के लिए अर्थात डिप्लोमा, अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट, डॉक्टोरल प्रोग्राम्स आदि में प्रवेश पाने के लिए आपको प्रवेश परीक्षा (Entrance examinations) देना होता है और मेरिट लिस्ट के अनुसार  सरकारी और निमसरकारी कॉलेज मिलते है. तो चलिए जानते है एग्जाम के बारे में…..

डिप्लोमा कोर्स : 

  • Delhi Polytechnic Common Entrance Exam (Delhi CET)
  • Joint Entrance Examination Council, Uttar Pradesh (JEECUP)
  • JEXPO and VOCLET Polytechnic Entrance Exam (West Bengal)
  • Punjab Joint Entrance Test (Punjab PET)
  • Haryana Diploma Entrance Test (HSTES DET)

स्नातक पाठ्यक्रम राष्ट्रीय स्तर परीक्षा :

  • JEE Main organized by CBSE
  • JEE Advanced for taking admission in IITs and NITs

.राज्य स्तरीय परीक्षा:

  • Andhra Pradesh Engineering, Agriculture and Medical Common Entrance Test (AP EAMCET) अधिक जानकरी के लिए यहाँ क्लीक कीजिए
  • TS EAMCET – Telangana State Engineering, Agriculture & Medical (Pharmacy, Veterinary, etc.,) Common Entrance Test अधिक जानकरी के लिए यहाँ क्लीक कीजिए
  • KCET- Karnataka Common Entrance Test रिजल्ट,अधिक जानकरी के लिए यहाँ क्लीक कीजिए
  • MAH-CET- Maharashtra Common Entrance Test  रिजल्ट,फॉर्म भरने के लिए यहाँ क्लीक कीजिए

विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षा : 

  • VITEEE- Vellore Institute of Technology Engineering Entrance Exam रिजल्ट,फॉर्म भरने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए.
स्नातकोत्तर स्तर :

राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा:

  •  IIT JAM – Joint Admission Test for M.Sc. (JAM) रिजल्ट,फॉर्म भरने के लिए यहाँ क्लिक

राज्य स्तरीय परीक्षा:

  • JGEEBILS- Joint Graduate Entrance Examination for Biology and Interdisciplinary Life Sciences रिजल्ट,फॉर्म भरने के लिए यहाँ क्लिक करे

University level exams

रोजगार की संभावनाएं:employment prospects

डिप्लोमा प्राप्त करनेवाले छात्रों को निम्नलिखित जगह पर रोजगार की संभावनाएं अधिक रहती है.

  • क्लिनिकल लेबोरेटरी टेक्निशियन
  • बायोलॉजिकल सप्लाइज मैन्युफैक्चरर
  • एनवायर्नमेंटल टेक्निशियन
  • फ़ूड सेफ्टी टेक्निशियन
  • फार्मास्युटिकल रिसर्च टेक्निशियन

बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक करने वाले छात्रों को निम्नलिखित जगह पर रोजगार की संभावनाएं अधिक रहती है.

  • लेबोरेटरी असिस्टेंट
  • प्रोफेसर / एसोसिएट प्रोफेसर
  • बायोटेक्नोलॉजी एक्सपर्ट
  • बिजनेस डेवलपमेंट एग्जीक्यूटिव
  • सेल्स मैनेजर
  • मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव ट्रेनी

बायोटेक्नोलॉजी में एमटेक करने वाले छात्रों को निम्नलिखित जगह पर रोजगार की संभावनाएं अधिक रहती है.

  • बैक्टीरियोलॉजिस्ट
  • मॉलिक्यूलर बायोलॉजिस्ट
  • एम्ब्र्योलॉजिस्ट
  • जेनेटिसिस्ट
  • इम्यूनोलॉजिस्ट
  • माइक्रोबायोलॉजिस्ट
  • बायो-इन्फॉर्मेटिशियन
  • फार्माकोलॉजिस्ट
  • बायो-एनालिटिकल केमिस्ट
  • फ़ूड केमिस्ट
  • एनवायरनमेंटल केमिस्ट
  • मेडिकल बायोकेमिस्ट

बायोटेक्नोलॉजी में पीएचडी या डॉक्टोरल डिग्री प्राप्त कर लेने के बाद छात्रों को निम्नलिखित जगह पर रोजगार की संभावनाएं अधिक रहती है.

  • बायोटेक्नोलॉजी रिसर्चर
  • प्रोसेस इंजीनियर
  • बायोटेक्नोलॉजी एंड फार्मास्यूटिकल रिसर्च एनालिस्ट
  • लीड बायोटेक्नोलॉजी कंसलटेंट
  • क्लिनिकल प्रोजेक्ट मैनेजर
  • पेटेंट सर्च एनालिस्ट
  • रिसर्च साइंटिस्ट
  • मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट एंड लेबोरेटरी टेक्नोलॉजिस्ट
  • क्वालिटी अश्योरेंस / क्वालिटी कंट्रोल एग्जीक्यूटिव
  • बायोटेक्नोलॉजी एक्सपर्ट
बायोटेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी : Biotechnology University
  • कॉलेज ऑफ़ एग्रीकल्चर बायोटेक्नोलॉजी, पुणे महाराष्ट्र
  • राजीव गाँधी इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एवं बायोटेक्नोलॉजी, पुणे महाराष्ट्र
  • देवी अहीलिया विश्वविद्यालय, इंदौर मध्यप्रदेश
  • एमिटी (AMITY) इंस्टिट्यूट ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी, नोएडा
  • ऍम.आई.टी.एस (MITS) स्कूल ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी, ओडिसा
  • भगवान महावीर कॉलेज ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी, सूरत गुजराज
  • बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी

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Postscript: अनुलेख

Post Name: बायो क्या है?(How to create a future in biotechnology?)

Description : एक प्रसिद्ध कहावत है कि, “विजेता अलग से काम नहीं करते हैं, वे चीजों को अलग तरीके से करते हैं.” यह कहावत बायोटेक्नोलॉजिस्ट / बायोटेक इंजीनियरों पर लागू होती है. जैव प्रौद्योगिकी का संबंध चीजों को अलग तरीके से करने के लिए विभिन्न पहलुओं को खोजने से है, ताकि इस दुनिया में बदलाव लाया जा सके.

Author: अमित

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