How to do Bachelor of Fisheries after 12th | बैचलर ऑफ फिशरीज कैसे करें?

How to do Bachelor of Fisheries after 12th : 12 वीं के बाद बैचलर ऑफ फिशरीज कैसे करें, मत्स्य व्यवसाय में करियर / भविष्य कैसे बनाएं? : How to make a career in the fisheries business?,मत्स्य विज्ञान क्या है?:Fisheries Science kya hai?

नमस्ते आपका www.pravingyan.com में स्वागत है. भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश बन गया है. भारत आज दुनिया में मछली उत्पादों का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता भी है. जाहिर है कि इस लगातार बढ़ते क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं. वर्तमान में मत्स्य क्षेत्र में युवाओं के लिए तेज कैरियर के अवसर हैं. मत्स्य पालन अब संगठित उद्योग का रूप ले चुका है. बड़ी कंपनियां लाभ की क्षमता को देखते हुए यह कदम उठा रही हैं. इस क्षेत्र में करियर की अच्छी संभावनाएं हैं.

मत्स्य पालन में अपना करियर बनाने के लिए बैचलर ऑफ साइंस इन फिशरीज (बीएफएससी) करना पड़ता है. इसके लिए शैक्षणिक योग्यता 12 वीं कक्षा जीव विज्ञान विषय के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है. विदेशी देशों की कंपनियां मत्स्य व्यवसाय में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं. फिशरीज कोर्स का क्रेज दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है. इस क्षेत्र में उच्च लाभ और छात्रों की बढ़ती रुचि के कारण, शैक्षणिक संस्थान पाठ्यक्रम प्रदान कर रहे हैं. Bachelor of Fisheries after 12th 

How to do Bachelor of Fisheries after 12th | 12 वीं के बाद बैचलर ऑफ फिशरीज कैसे करें?

मछली पालन (मत्स्य पालन) मछली की विभिन्न प्रजातियों के जन्म, उनके व्यवहार और उनके जीवन के जैविक पहलुओं का अध्ययन करता है. दूसरे शब्दों में, यह प्राकृतिक संसाधनों या वन्य जीवन का प्रबंधन है, जिसके तहत जलाशयों, झीलों, नदियों और समुद्रों में मछली और जलीय कृषि सुविधाओं की संख्या का प्रबंधन किया जाना है. Bachelor of Fisheries after 12th 

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मछली पालन में करियर बनाना बहुत ही साधारण लगता है. लेकिन आज के दौर में तेजी से बढ़ता हुवा व्यवसाय नजर आ रहा है. इस क्षेत्र में पढ़े -लिखे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्राप्त है. यदि आपको मछली पालन या फिसरी साइंस में भविष्य बनाना है तो आपको 12 वीं के बाद बैचलर ऑफ फिशरीज कोर्स की पढ़ाई करना जरुरी है. फिशरी साइंस का क्षेत्र बहुत बढ़ा है इस में बैचलर, डिफ्लोमा और पीजी लेवल आदि कोर्स उपलब्ध है. मछली खाने के लिए ही मछली पालन क्षेत्र दिनों दिन बढ़ते जा रहा है. भारतीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियां मत्स्य क्षेत्र में निवेश कर रही हैं. Bachelor of Fisheries after 12th 

फिशर साइंटिस्ट का काम मछलियों का अध्ययन करना और उनके प्राकृतिक आवास की निगरानी करना है, या प्राकृतिक आवास को संरक्षित करने का प्रयास करना है. मछली के नमूने एकत्र करना और उनसे संबंधित रिकॉर्ड तैयार करना भी एक वैज्ञानिक का काम है. उनका काम यहीं समाप्त नहीं होता है, बल्कि मछलियों की प्रजातियों की संख्या बढ़ाने की भी बाध्यता है, जो संख्या में घट रही हैं और अधिक आबादी वाली मछलियों की संख्या को नियंत्रित करने के उपायों को लागू कर रही हैं. यही नहीं, यह एक मछुआरे वैज्ञानिक की भी जिम्मेदारी है कि वह मानव रोगों को ठीक करने के लिए मछलियों से दवा तैयार करने के लिए अध्ययन करे. इस तरह से  12 वीं के बाद बैचलर ऑफ फिशरीज में भविष्य बना सकते है. Bachelor of Fisheries after 12th 

B.F.Sc. फुल फॉर्म | B.F.Sc. Full form

  • BSc – Bachelor in fisheries sciences – मत्स्य विज्ञान में स्नातक

B.F.Sc के लिए शैक्षणिक योग्यता | Educational Qualification for B.F.Sc 

  • 10 +12 में बॉयोलॉजी विषय में 55 % अंकों के साथ उत्तीर्ण

प्रवेश परीक्षा | Entrance examinations

कुछ संस्था  प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश प्रदान करती है. प्रवेश परीक्षा निम्नलिखित है.

  • LPU-NEST
  • AUCET
  • GPAT
  • JEE.

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बीएससी मत्स्य पालन में एक 4 वर्षीय पूर्णकालिक स्नातक पाठ्यक्रम 8 सेमेस्टर में विभाजित है. पाठ्यक्रम मछली पकड़ने के क्षेत्र और इसके कई उप-प्रभागों पर केंद्रित है. Bachelor of Fisheries after 12th 

SEMESTER I  

  • एक्वाकल्चर के सिद्धांत (Principles of Aquaculture)
  • फिनफिश के टैक्सोनॉमी (Taxonomy of Finfish)
  • शेलफिश का वर्गीकरण (Taxonomy of Shellfish)
  • मौसम विज्ञान और भूगोल (Meteorology and Geography)
  • जैव रसायन के सिद्धांत (Principles of Biochemistry)
  • माइक्रोबायोलॉजी के फंडामेंटल (Fundamentals of Microbiology)
  • सूचना एवं संचार तकनीक (Information & Communication Technology)
  • मत्स्य अर्थशास्त्र (Fishery Economics)

SEMESTER II

  • मीठे पानी एक्वाकल्चर (Freshwater Aquaculture)
  • फिनफिश और शेलफिश का एनाटॉमी (Anatomy of Finfish and Shellfish)
  • फिनफिश और शेलफिश की जीवविज्ञान (Biology of Finfish and Shellfish)
  • मृदा और जल रसायन (Soil and Water Chemistry)
  • लींनोलोगु (Limnology)
  • पोषण में खाद्य रसायन और मछली (Food chemistry and Fish in Nutrition)
  • जैव रासायनिक तकनीक और इंस्ट्रूमेंटेशन (Biochemical Techniques and Instrumentation)

SEMESTER III

  • मछली पोषण और फ़ीड प्रौद्योगिकी (Fish Nutrition and Feed Technology)
  • मछली खाद्य जीवों की संस्कृति (Culture of Fish Food Organisms)
  • अंतर्देशीय मत्स्य (Inland Fisheries)
  • औशेयनोग्रफ़ी (Oceanography)
  • समुद्री जीव विज्ञान (Marine Biology)
  • प्रशीतन और बर्फ़ीली प्रौद्योगिकी (Refrigeration and Freezing Technology)
  • मत्स्य पालन में सांख्यिकीय तरीके (Statistical Methods in Fisheries)

SEMESTER IV

  • एक्वाकल्चर इंजीनियरिंग (Aquaculture Engineering)
  • सजावटी मछली उत्पादन और प्रबंधन (Ornamental Fish Production and Management)
  • फिनफिश और शेलफिश की फिजियोलॉजी (Physiology of Finfish and shellfish)
  • तटीय एक्वाकल्चर और मारी संस्कृति (Coastal Aquaculture and Mari culture)
  • फिशिंग क्राफ्ट और गियर टेक्नोलॉजी (Fishing Craft and Gear Technology)
  • कैनिंग और फिश पैकेजिंग टेक्नोलॉजी (Canning and Fish Packaging Technology)
  • मत्स्य पालन में विस्तार शिक्षा (Extension Education in Fisheries)
  • मत्स्य प्रशासन और विधान Fisheries (Administration and Legislation)

SEMESTER V

  • फिनफिश ब्रीडिंग एंड हैचरी मैनेजमेंट (Finfish Breeding and Hatchery Management)
  • शेलफिश ब्रीडिंग एंड हैचरी मैनेजमेंट (Shellfish Breeding and Hatchery Management)
  • रोग और प्रबंधन (Diseases and Management)
  • समुद्री मछली पालन (Marine Fisheries)
  • जलीय पारिस्थितिकी और जैव विविधता (Aquatic Ecology and Biodiversity)
  • नेविगेशन और सीमांसशिप (Navigation and Seamanship)
  • मत्स्य पालन में आपदा प्रबंधन (Disaster Management in Fisheries)

SEMESTER VI

  • मत्स्य पालन में जैव प्रौद्योगिकी और जैव सूचना विज्ञान (Biotechnology & Bioinformatics in Fisheries)
  • मत्स्य आनुवंशिकी और प्रजनन (Fishery Genetics and Breeding)
  • मछली जनसंख्या गतिशीलता और स्टॉक मूल्यांकन (Fish Population Dynamics and Stock Assessment)
  • जलीय प्रदूषण और तटीय क्षेत्र प्रबंधन (Aquatic Pollution and Coastal Zone Management)
  • मछली उत्पाद और उप-उत्पाद प्रौद्योगिकी (Fish Products and By-products Technology)
  • मछली माइक्रोबायोलॉजी और गुणवत्ता आश्वासन (Fish Microbiology and Quality Assurance)
  • मत्स्य पालन में वित्तपोषण और विपणन प्रबंधन (Financing and Marketing Management in Fisheries)

SEMESTER VII

  • मत्स्य पालन में हाथ से प्रशिक्षण (Hands-on Training in Fisheries)

SEMESTER VIII

  • मत्स्य पालन में इन-प्लांट प्रशिक्षण (In-plant training in Fisheries)
B.F.Sc कोर्स करने के बाद | After taking the B.F.Sc course 
  • B.F.Sc. कोर्स की पढ़ाई होने के बाद आप M.F.Sc.करके विशेषज्ञ बन सकते हो
  • M.B.A की पढ़ाई कर सकते हैं.
रोजगार की संभावनाएं | Job prospects
  • असिस्टेंट फिशरीज डेवलपमेंट ऑफिसर
  • डिस्ट्रिक्ट फिशरीज डेवलपमेंट ऑफिसर
  • असिस्टेंट प्रोफेशर
  • रिसर्च असिस्टेंट
  • टेक्निशियन तथा बायोकेमिस्ट
  • गवर्नमेंट एजेंसीज
  • कृषि विभाग
  • सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट्स
  • सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फिशरीज टेक्नोलॉजी
  • राष्ट्रीय फिशरीज डेवलपमेंट ऑफिसर
  • फिशरीज एक्सपर्ट शिक्षण-प्रशिक्षण
  • प्रेसेसिंग एंड प्रोडक्शन
  • प्रिजर्वेशन
  • मेरिनकल्चर
  • फिश फॉर्म से संबंधित कारपोरेट सेक्टर
  • नाबार्ड
  • रिसर्च सेक्टर
सैलरी | Salary
  • ग्रेज्युएट होने के बाद शुरवाती वेतन 20 हजार से 25 हजार हो सकता है.
  • अनुभव आने पर सैलरी बढ़ती है.
  • बिज़नेस डालके लाखों कमा सकते है.
फिशरीज कॉलेज | Fisheries College
  • कॉलेज ऑफ फिशरीज साइंस, वेरावल ढोली (बिहार)
  • सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फिशरीज एजुकेशन, मुंबई
  • कॉलेज ऑफ फिशरीज साइंस, भुवनेश्वर
  • कोच्ची यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, कोच्ची
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, खड़गपुर
  • कर्नाटक यूनिवर्सिटी, धारवाड़
  • कॉलेज ऑफ फिशरी साइंसेज, पंतनगर, उत्तराखंड
  • सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट, कोच्चि, केरल
  • कॉलेज ऑफ फिशरी, रत्नागिरी, महाराष्ट्र
  • नेशनल ब्यूरो ऑफ फिश जेनेटिक रिसोर्सेज, लखनऊ, उत्तर प्रदेश
  • www.nbfgr.res.in
  • सेंट्रल इनलैंड फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट, पश्चिम बंगाल
  • www.cifri.ernet.in
  • कॉलेज ऑफ फिशरीज, धोली, बिहार
  • www.pusavarsity.org.in/cof.htm
  • जी.बी. पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रिकल्चर एंड टेक्नोलॉजी पंतनगर, उत्तराखंड
  • www.gbpuat.ac.in
  • राजस्थान एग्रिकल्चर यूनिवर्सिटी, बीकानेर, राजस्थान
  • www.raubikaner.org
  • पंजाब एग्रिकल्चर यूनिवर्सिटी, लुधियाना, पंजाब
  • www.pau.edu
  • सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फिशरीज टेक्नोलॉजी, कोच्चि, केरल
  • www.cift.res.in
  • सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेशवॉटर एक्वाकल्चर, भुवनेश्वर, उड़ीसा
  • www.cifa.in
  • असम एग्रिकल्चर यूनिवर्सिटी, असम
  • www.aau.ac.in
  • जूनागढ़ एग्रिकल्चर यूनिवर्सिटी,गुजरात
  • www.jau.in/cof
  • शेर-ए कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रिकल्चर साइंस एंड टेक्नोलॉजी ऑफ कश्मीर, कश्मीर
  • Skuastkashmir.ac.in

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Description: छात्रों को विभिन्न प्रजातियों की मछलियों को पालना, संरक्षण करना सिखाया जाता है.

Author: अमित

Tags: 12 वीं के बाद बैचलर ऑफ फिशरीज कैसे करें ?B.F.Sc क्या है?फिशरीज में भविष्य बनाएं.

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