शिक्षक दिवस क्या है? | What is teachers day?

Happy Teacher’s Day to all, मैं 12 वीं कक्षा का छात्र हूं और मेरी पढ़ाई जारी है. हमारे स्कूल में 02 तारिक के बाद से 05 सितंबर की तैयारी शुरू हो गई है. मैं स्कुल और कॉलेज का कप्तान हु. मुझे शिक्षक दिवस की तैयारी का जिम्मा सौंपा गया है। 05 सितंबर के दिन लड़के शिक्षक बन के बच्चों को पढ़ाने के लिए मेरे तरफ नाम लिखवाते है.इनके नाम कुछइस तरह से है जैसे की, राम. साईराम, निखिल, मनीष, रुपेश, दिव्यांस, राजेश, प्रदीप, सलमान सुरेश और मेरा नाम भी रहता है. 

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शिक्षक दिवस क्या है? (What is teachers day?), 05 सितंबर क्यों मनाया जाता है? (Why is 05 September celebrated?), राष्ट्रपति दिवस क्या है? (What is President’s Day?), छात्रों की ख़ुशी क्या है? (What is the happiness of the students?), आदर्श शिक्षक कैसा होना चाहिए? (What should be the ideal teacher?) आदि की जानकारी लेख के माध्यम से दी जानेवाली है.

स्कुल में छात्र शिक्षक बन के बच्चों को पढ़ाते है फिर 3 बजे शिक्षक दिवस का प्रोग्राम लिया जाता है और वहाँ पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के बारें में अपने विचार व्यक्त करने का मौका दिया जाता है. उस नाम में मेरा नाम भी लिया जाता है मै मंच पर बोलने के लिए आता हु और माइक के आगे खड़ा हो जाता हु और अपने विचार इस तरह रखता हु की……..,   

भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन 05 सितंबर को ”शिक्षक दिवस” के रूप में मनाया जाता है. आज के दिन छात्र अपने टीचर को कुछ भेट वस्तु देते है. अपने शिक्षक के प्रति प्यार और सम्मान व्यक्त करते है. मेरे मन में कुछ प्रश्न निर्माण हुए उसका उत्तर भी कुछ इस तरह दिया.


शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है ? | Why is teachers day celebrated 

भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण की जयंती 05 सितंबर को मनाई जाती है. वे आदर्श शिक्षक थे. उनके कार्य अनमोल थे. राधाकृष्णनजी जब राष्ट्रपति बने तब 05 सितंबर को छात्रों ने ”राष्ट्रपति दिवस’‘ मनाने का फैसला किया लेकिन यह बात राधाकृष्णनजी को मान्य नहीं थी इसलिए उन्होंने 05 सितंबर को ” शिक्षक दिवस ” के रूप मे मानाने का प्रावधान रखा और आज भी मनाते है. भारत में पहली बार 1962 में ‘‘शिक्षक दिवस” (Teachers day) मनाया गया था.  

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डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का परिचय | Introduction to Dr. Sarvepalli Radhakrishnan

नाम :- डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

जन्म तारीख :- 05 सितंबर 1888 

जन्म ठिकान :- तिरुतनी (तमिलनाडु)   


पिताजी का नाम :- सर्वपल्ली वीरास्वामी 

 माताजी का नाम :– सितम्मा 

विवाह :- 1903 को सिवाकामू लड़की के साथ 

शिक्षक दिवस के बारे में रोचक बातें | Interesting things about teachers day

◼️ डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन सहज में जानने योग्य शिक्षक थे. 

◼️ म्हैसूर यूनिवर्सिटी से कलकत्ता यूनवर्सिटी जाने लगे तभी उनके छात्रों ने एक बग्गी को फूलों से सजाकर अपने हाथों से खींचते हुए रेलवे स्टेशन तक लेकर के गए थे. 

◼️उनकी शादी सिवाकामू नामक लड़की के साथ 16 साल की उम्र में ही हो गई थी. उनकी पांच बेटीया और एक बेटा था.  

◼️ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राष्ट्रपति के पद पर बैठे थे, तब केवल आम लोग ही बिना पूर्व अनुमति के उनसे मिल सकते थे. इस तरह से लोगों के बिच रहते थे.    


◼️ अमेरिका के व्हाइट हॉउस में हेलीकाप्टर से जानेवाले पहले भारतीय राष्ट्रपति थे.  


◼️ अपनी पगार से मात्र ढाई हजार रु. लेते थे और बाकि की पगार प्रधानमंत्री राष्ट्रिय राहत कोष में दान करते थे.

◼️ 1931 में, चीन ने राष्ट्रीय केंद्रीय विश्वविद्यालय में शिक्षक दिवस मनाया था।

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डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी | Biography of Dr. Sarvepalli Radhakrishnan

◼️ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 05 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुतनी गांव में हुआ था. 

◼️ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के सम्मान में 05 सितंबर 1962 में प्रथम Teachers day मनाया गया था.

◼️  डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने 12 साल की उम्र में ही बाइबल और स्वामी विवेकानंद की जीवनी पढ़ लिया था.

◼️ दर्शनशास्त्र में एम.ए 


◼️ सन 1916 में मद्रास के प्रेसिडेंसी कॉलेज में तर्कशास्त्र के सहायक अध्यापक पद पर विराजमान थे. 

◼️ भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिन को ”शिक्षक दिवस” के रूप में मनाया जाता है. 

◼️ सन 1909 से 1948 इस अवधि के दौरान याने की 40 साल अकादमिक क्षेत्र में काम किया.

◼️ 1939 में, आंध्र विद्यालय ने डी.लिट उपाधि से सम्मानित किया.


◼️ 1931में, इंग्लैंड ने ” सर” पदवी से सम्मानित किया. 

◼️ 1946 से 1949 इस अवधि के दौरान वे भारतीय राजीघटना समिति के सभापति के पद पर विराजमान थे.


◼️ 1952 में, भारत की प्रथम चुनाव था और वे उपराष्ट्रपति के पद पर विराजमान हुए थे. 

◼️ 1939 से 1948 इस अवधि में वे बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति थे.  


◼️ 1957 के चुनाव में फिर से उपराष्ट्रपति के पद पर विराजमान हुए.


◼️  भारतरत्न से उन्हें सन 1958 में सम्मानित किया गया.


◼️  13 मई 1962 में वे राष्ट्रपति पद पर विराजमान हुए.


◼️ सन 1967 में राष्ट्रपति पद का कार्यकाल समाप्त हुआ.


◼️ 24 अप्रैल 1975 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति गाँव में उनका निधन हो गया. 

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