प्रथम महिला भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल | First lady India President Pratibha Patil

Pratibha Patil India की History में First lady India President बनने का गौरव हासिल करने वाली First lady है। राजनीति के अलावा, अपने जीवन काल के साथ, उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में भी प्रगति की थी। वह बहुत ही मृदुभाषी, विनम्र स्वभाव, सरल व्यक्तित्व, सरल जीवन का उपयोग करते थे। वह कम उम्र में टेबल टेनिसके चैंपियन रहे हैं। अन्य सांस्कृतिक क्षेत्रों में भी कदम रखा है जैसा नाम वैसा काम प्रतिभाताई महिलाओं की प्रेरणा स्रोत हैं।

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  प्रथम महिला भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल | First lady India President Pratibha Patil

जीवन परिचय | Life introduction

नाम : प्रतिभा 

पिता : नारायणराव पाटिल 

पति :देवीसिंह रनसिंह शेखावत 

जन्म : 19 दिसंबर 1934 

गाँव : नांदगाव (महाराष्ट्र) 

कार्यकाल : 25 जुलाई 2007 से 25 जुलाई 2012  

राष्ट्रपति : भारत




प्रतिभा पाटिल का पारिवारिक जीवन | Pratibha Patil’s family life

प्रतिभा पाटिल का जन्म प्रसिद्ध वकील नारायण राव पाटिल के घर पर हुआ था। पिता के प्रेरणा से उन्होंने Degree of law मुंबई के Government Law College से पूरी की। उन्होंने मुलजी जेठ कॉलेज, जलगाव से एम.ए.  डिग्री प्राप्त कि। उसी कॉलेज से उन्होंने टेबल टेनिस चैंपियनशिप जीती थी। जिससे उनकी प्रतिभा और अधिक प्रभावशाली बनती है। नेतृत्व करने का गुण यहाँ से उनको हासिल हुआ। 1962 में उन्हें “कॉलेज क्वीन” की उपाधि भी दी गई। यह उनके आत्मविश्वास का प्रतिफल था। एक अच्छे संस्कार ने उनके जीवन को रोशन कर दिया। 07 जुलाई, 1965 को प्रतिभा ने एक महत्वपूर्ण शिक्षाविद् देवीसिंह रणसिंह शेखावत से विवाह किया।उन्हे राजेंद्र सिंह नाम का एक लड़का है और ज्योति राठौर एक लड़की है।

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राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल का राजनीतिक कार्य | President Pratibha Patil’s Political Work

वह अपने पारिवारिक जीवन संभालते हुए। पाटिल ने भी 27 साल की उम्र से राजनीति में कदम रखना शुरू कर दिया था। 1962 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोपालराव खेड़कर व भूतपूर्व मुख्यमंत्री यशवंतराव चव्हाण के मार्गदर्शन में प्रतिभा पाटिल ने 1967 के चुनाव में हिस्सा लेकर विजयी प्राप्त की थी और उन्हें उप शिक्षा मंत्री के पद के लिए चुना गया था। वह वसंतराव नाइक के मंत्रिमंडल में शामिल हुए और देश हित में काम शुरू किया। 1962 से 1985 की अवधि में वे पांच बारमहाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य रहे। 1967 से 1972 की अवधि में महाराष्ट्र सरकार के राज्यमंत्री रहे और अपनी उपलब्धि से उन्हें 1972-78 के वर्षों के दौरान ही अगले सत्र में कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला। कैबिनेट मंत्री बनने के बाद उनके तरफ मंत्रालयों के कार्यभार की जबाबदारी सौपी कई इसकी जानकारी इस तरह है ….. 

सन 1967 से 1972 – सार्वजनिक स्वास्थ, निषेध, पर्यटन, आवास और संसदीय कार्य, महारष्ट्र सरकार में उपमंत्री पद पर विराजमान। 

  

सन 1972 से 1974 – समाज कल्याण विभाग (महाराष्ट्र सरकार)

सन 1974 से 1975 – सार्वजनिक स्वास्थ और समाज कल्याण विभाग (महाराष्ट्र सरकार) 


सन 1975 से 1976 – पुनर्वस और सांस्कृतिक विभाग (महाराष्ट्र सरकार)


सन 1977 से 1978 – शिक्षा विभाग में कैबिनेट मंत्री (महाराष्ट्र सरकार)

सन 1979 – विपक्ष नेता (महाराष्ट्र सरकार)

सन 1982 से 1985 – शहरी विकास और आवास विभाग (महाराष्ट्र सरकार)

 सन 1983 से 1985 – नागरी आपूर्ति और समाज कल्याण विभागों में कैबिनेट मंत्री। 

सन 1985 – राज्यसभा पहुंचे। 

सन 1986 – राज्यसभा उपसभापि  

सन 18 नव्हंबर 1986 से 5 नव्हंबर 1988 – राज्यसभा सभापति , लाभ समिति अध्यक्षा, व्यापर सलाहकार समिति सदस्य  


सन 1989 / 90 – महाराष्ट्र सरकार कांग्रेस के प्रमुख बने। 


सन 1991 – दसवीं लोकसभा के लिए निर्वाचित, लोकसभा में सदन समिति की अध्यक्षा 

सन 8 नव्हंबर 2004 – राज्यपाल (राजस्थान) 

सन 22 जून 2007 – राज्यपाल पद से इस्तीफा 

सन 23 जून 2007 – राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन पत्र 


19 जुलाई 2007 – प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने भैरवसिंग शेखावत को हराया कर राष्ट्रपति का चुनाव जीता। 

25 जुलाई 2007 –  आजादी के 60 वर्ष के बाद प्रथम महिला राष्ट्रपति मा.प्रतिभा पाटिल ने संसद के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति पद की शपथ ली।  

25 जुलाई 2012 – मा.प्रतिभा पाटिल ने संसद के सेंट्रल हॉल में नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मा.प्रणव मुखर्जी को अपना कार्यभार सौंपा।

अपने सभी सहयोगियों और मुख्यमंत्री के साथ, जनता की सेवा में अपना जीवन समर्पित करते हुए आगे बढ़े। प्रतिभा पाटिल का चुनावो पे चुनावो का जितना और उच्च पदों पर आसीन होना उनके एक अच्छे व्यक्तित्व को दर्शाता है। अपने पद और पद की गरिमा के बारे में अपने स्वतंत्र निष्पक्ष और निर्भीक राजनीति में विभिन्न पदों पर पद के साथ, अपना काम पूरा करके, कठिन समय में कठिन समय को पराजित करके, अपने बेजोड़ दृढ़ संकल्प के साथ, एक महान सैनिक जैसा महान महिला साबित हुई। 

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प्रतिभा पाटिल के द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण कदम | Important steps taken by Pratibha Patil


1. विद्या भारती शिक्षा प्रसार मंडल की स्थापना हुई।

2. श्रम साधना ट्रस्ट बनाया गया है। 

3. प्रतिभा महिला सहकारी बैंक की स्थापना की गई। 

4.संत मुक्ताबाई सहकारी मुक्ताबाई चीनी कारखाने की स्थापना हुई।

5. नेत्र हिनो के लिए “इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीटूट” बनवाए। 

6. विमुक्त जाति और आदिवासी बच्चों के लिए स्कूल बनाए गए।

 इस प्रकार स्कुल,कॉलेज, हॉस्टल की श्रृंखला बनाते हुए व महिलाओ की दशासुधार को अग्रसर लेन हेतु महत्वपूर्ण कदम प्रतिभाताई पाटिल द्वारा उठाए गए।वह महिलाओं के लिए एक मील का पत्थर बन गईं और उन्हें भारत के इतिहास में पहली महिला राष्ट्रपति होने का गौरव प्राप्त हुआ। 

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