Biography of the great scientist “Stephen Hawking”: स्टीफन हॉकिंग की जीवनी

Biography of the great scientist “Stephen Hawking”: स्टीफन हॉकिंग की जीवनी,The Importance of Stephen Hawking Beam Theory:स्टीफन हॉकिंग पुंज सिद्धांत का महत्व  

नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम सुरेश मैं www.pravingyan.com के लिए लेख लिखता हूँ और आज का लेख है ” स्टीफन हॉकिंग ” की जीवनी , इ.स 1965 में अमेरिका में दुनिया के प्रख्यात वैज्ञानिकों के एक सम्मेलन में ब्रह्मांड की निर्मिती बिग बेंग के सिधान्त पर हुई है। इस विषय पर चर्चा चल रही थी। इसी तरह भगवान के अस्तित्व पर भी चर्चा की जा रही थी। इस पर स्टीफन हॉकिंग ने अपने मत में व्यक्त किया की, ब्रह्माण्ड की इस रचना में ईश्वर को शामिल करना उचित नहीं है।

 Biography of the great scientist "Stephen Hawking": स्टीफन हॉकिंग की जीवनी

ई.स.1947 में इंग्लैंड में विश्व प्रसिध्द रायल सोसाइटी में नये वैज्ञानिको की सभासद बनाने का कार्यक्रम चल रहा था। इस कार्यक्रम में पहली कतार में एक वीलचेयर पर बैठा नवयुवक संस्था नोंदानी के दस्तावेजो पर सही कर रहा था। इस ऐतिहासिक सही रजिष्टर पर शुरुवाती में ही न्यूटन जैसे महान वैज्ञानिको के हस्ताक्षर है। वहा इस विकलांग युवक के हस्ताक्षर होते ही रायल सोसाइटी के इस विशाल कक्ष में तालियों की आवज हुई। यह वही युवक था जो ई.स.2001 में भारत के इस दौरे में भेट देकर भारतवासियों को खगोलीय शास्त्र में अपने अमूल्य बुद्धिमता के इस्तेमाल से गौरन्वित किया। यह नवयुवक स्टीफन हॉकिंग ही था।

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नाम :   स्टीफन हॉकिंग

जन्म :  8 जनवरी 1942

स्थल :   आक्सफोर्ड , इंग्लैंड में

पिता :    फ्रांक हॉकिंग Biography of the great scientist “Stephen Hawking”

माता :    ईसाबेला

पत्नी :    जेन वाइल्ड , एलेन मेरून

बहन :     फिलिपा, मैरी

भाई :      एडवर्ड

लड़की  :   लूसी

लड़के :     राबर्ट ,टिमोथी हॉकिंग

शिक्षा :     यूनिवर्सिटी कॉलेज, (आक्सफोर्ड) ,ट्रिनिटी हाल (कैम्ब्रिज)

राष्ट्रीयता : ब्रितानी

मृत्यु : 14 मार्च 2018

प्रारंभिक जीवन | Early life

” स्टीफन हॉकिंग ” का जन्म 8 जनवरी, 1942 को इंग्लैंड के ऑक्सफ़ोर्ड में हुआ था। उनके पिता का नाम “फ्रैंक हॉकिंग” और माता का नाम “इसाबेला” था। फ्रैंक हॉकिंग खुद एक वैज्ञानिक थे। उनका संशोधन गर्म जलवायु पर था। उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से विज्ञान की डिग्री प्राप्त की। और केम्ब्रिज विद्यापीठ से पी. एच.डी किये थे। इ.स.1960 में ”चेताकोषिक” नामक बीमारी थी इस कारण उनसे मुंह से बात नहीं की जा सकती थी। शरीर के लगभग सभी अंग पूरी तरह से काम करने में असमर्थ थे। एक नर्स जिसने उसकी देखभाल की और उसे एक कम्प्यूटर कृत व्हीलचेयर के साथ जीने में मदद की इन विपरीत परिस्थितियों में ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझानेवाले महान वैज्ञानिक ”स्टीफन हॉकिंग” ही थे।

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स्टीफन हॉकिंग का शोध कार्य ब्रह्माण्ड के निर्माण का मुख्य केंद्र बिंदु था। इ स 1965 में राजर पेनरोज नामक ब्रिटिश वैज्ञानिक के सिंगुलरटी तत्व व प्रमेय को पढने के बाद स्टीफन हॉकिंग के ध्यान में आया की पेनरोज के काल के सिद्धांत को यदि उल्टा करके देखा जाए तो एक महास्फोटक से विश्व की उत्पती हुई, उसका उगम भी उस सिंगुलरटी से ही हुआ होगा। इसी तरह, अगर दुनिया का विचलन रोक दिया गया और उसका सिकुड़ना शुरू हो गया, तो यह विलक्षणता के अंत तक पहुंच जाएगा।

पेनरोज का यह सिद्धांत में सिंगुलरटी तत्व यह सिर्फ सितारों से संबंधित था। ब्रह्मांड के शानदार विवरण के लिए उन्हीं तत्वों का उपयोग किया जाता है जिसमें कुछ सैद्धांतिक तांत्रिक मुद्दों को हल करने की आवश्यकता थी। स्टीफन हॉकिंग ने एक नई गणितीय प्रणाली विकसित की है और इस भ्रम को हल किया है। सन 1970 में अपना निष्कर्ष “दी लार्ज स्केल स्ट्रक्चरआफ स्पेस -टाइम ” इस किताब में प्रकाशित किया। इस पुस्तक में, उन्होंने उल्लेख किया कि यदि आइंस्टीन के सापेक्षता के व्यापक सिद्धांत समान हैं, तो ब्रह्मांड की उत्पत्ति बिग बैंग सिंगुलैरिटी से हुई होगी।

पारिवारिक जीवन | family life

हॉकिंग का विवाह उनकी प्रेमिका जेन वाइल्ड के साथ हुआ था।जेन वो ताकत थी जिसने हॉकिंग के आत्मविश्वास को जगाया। दैवीय शक्ति पर जेन को दृढ़ विश्वास था। इतिहास में जेन का डॉक्टरेट था। हॉकिंग के जेन से दो बच्चे थे। स्टीफन हॉकिंग ने 1986 में जेन को तलाक दे दिया और उनके अटेंडेंट एलन मेरन से दूसरी शादी की।

स्टीफन हॉकिंग पुंज सिद्धांत का महत्व |The Importance of Stephen Hawking Beam Theory

(in the large scale structure of space-time; hawking showed that a space time singularity must have acured at the bigning of the univers and space-time itself ;and this was the “big bang”(apoint of indefinitly high density and space time curvature) the universe has been expanding from this point ever since. hawking also showed that black holes result not only from the collapse of stars but also from the collapse are other highly compressed regions of space.)

अंतरिक्ष-समय के बड़े पैमाने पर संरचना में हॉकिंग ने दिखाया कि एक अंतरिक्ष समय विलक्षणता सार्वभौमिक और अंतरिक्ष-समय के बंटवारे में स्वयं ठीक हो गया होगा और यह “बड़ा धमाका” था (अनिश्चित काल के उच्च घनत्व और अंतरिक्ष समय वक्रता का ब्रह्मांड) ब्रह्मांड इस बिंदु से कभी भी विस्तार कर रहा है। जबसे हॉकिंग ने यह भी दिखाया कि न केवल सितारों के पतन से ब्लैक होल का परिणाम होता है, बल्कि पतन से अंतरिक्ष के अन्य अत्यधिक संकुचित क्षेत्र भी होते हैं। पुंज के ग्रुत्वाकर्षण सिद्धांत के आधार पर हॉन्किंग ने साबित किया है कि कई वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड के निर्माण में अपना स्वयं का रूप रखा है, उन्हें परिवर्तन की आवश्यकता है।इस अवधारणा को समझना मुश्किल है। सन 1889  में इंग्लैंड की महारानी ने इंग्लैंड पुरुस्कार से सम्मानित किया  था।

1988 में, स्टीफन हॉकिंग ने विश्व विज्ञान को समझने के लिए एक पुस्तक “ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम” प्रकाशित की। इस पुस्तक को कुछ ही समय में बहुत लोकप्रियता मिली।  इस किताब का मुख्य विशेषता यह है की, आइस्टाईन के E =mc 2 वस्तुमान उर्जा में गणितीय सूत्र इस्तेमाल से देखने पर उसमे सूत्र का अभाव नजर आता है। ब्रम्हांड के गुत्थे सुलझाने में हॉकिंग सफल रहे। सन 2007 में उन्होंने शून्य गुरुत्वाकर्षण में रहकर अभ्यास किया।

प्रसिद्धि | Celebrated

स्टीफन हॉकिंग ने खगोल विज्ञान पर कई किताबें प्रकाशित कीं, ” लार्ज स्ट्रक्चर आफ स्पेस टाइम ” , ” सुपर स्पेस व सुपर ग्रेविटी ” , ” गुरुत्वाकर्षण बल के 300 वर्ष ” , ” ब्लैक होल्स व बेबी यूनिवर्स  दी नेचर ऑफ़ स्पेस व टाइम ”  इत्यादि किताबे दुनिया भर में लोकप्रिय रही है।

  • हॉकिंग विकिरण
  • विचित्रता प्रमेय
  • अ ब्रीफ़ हिस्ट्री ऑफ टाइम (1988) (समय का संक्षिप्त इतिहास)
  • उल्लेखनीय सम्मान
  • अल्बर्ट आइंस्टीन पुरस्कार (1978)
  • वॉल्फ प्राइज़ (1988)
  • प्रिंस ऑफ ऑस्टुरियस अवाडर्स (1989)
  • कोप्ले मेडल (2006)
  • प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम (2009)
  • विशिष्ट मूलभूत भौतिकी पुरस्कार (2012)
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