Biography of the great scientist Goss Karl Fredrik:गॉस कार्ल फ्रेड्रिक जीवनी

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Biography of the great scientist Goss Karl Fredrik:गॉस कार्ल फ्रेड्रिक जीवनी

परिचय (Goss Karl Fredrik):

कार्ल फ्रेड्रिक गॉस का जन्म 30 अप्रैल 1777 में जर्मनी के एक गाँव में हुआ। कार्ल बचपन से ही हुशार था। गॉस इटे बनानेवाले का लड़का था और 3 साल की उम्र में पिताजी के पेमेंट स्लिप में गलती निकाली थी। 6 साल की उम्र में प्राथमिक स्कुल में दाखला लिया।

12 साल की उम्र में यूक्लिड के भूमितिय विधान पर प्रश्न करने लगा, आलोचना करने लगा गॉस को नॉन-युक्लीडियन भुमित में रूचि लगने लगी।

15 साल की उम्र में गॉस ने बायनॉमिअल थिअरम छुड़ाया और सिद्ध कर दिखाया और इस बात की जानकारी डयूक ऑफब्रुनस्टिक  को मिली और उन्हों ने गॉस के कॉलेज अध्ययन की जिम्मेदारी ली लेकिन गॉस के पिताजी ने इस बात का विरोध किया क्यों की उसके पिताजी की इच्छा थी की गॉस ने गवंडी काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करना चाहिए लेकिन कुछ दिनों के बाद विरोध बंद किया। गॉस को साहित्य और तत्वज्ञान में रूचि थी लेकिन सबसे ज्यादा गणित विषय में रूचि थी।

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समीकरण की खोज:

एक बार जर्मनी के स्कुल में अध्यापक गणित पढ़ा रहे थे। गणित के अध्यापक ने छुड़ाने के लिए उदाहरण दिए ताकि छात्राएं पढ़ाई करने में हुशार होना चाहिए आदि। शिक्षक ने 1 से 100 अंक जोड़ने के लिए कहा और दो मिनट में एक छात्र ने 5050 बेरीज छुड़ाकर दिया और अध्यापक आश्चर्य चकित हुआ विश्वास ही नहीं बैठा उन्हें, लगता था की इस लड़के ने हुशार छात्र से पूछा होगा। कार्ल फेड्रिक ने  सूत्र का निर्माण किया , S  = n/2(n+1) इसमें  ” S ” याने की बेरीज और ” n ” याने की अपूर्णाक इसके नुसार S = 100 / 2 ( 100 +1 ) = 5050 इस तरह से गणित छुड़ाया।

यह समीकरण आज भी स्कुल में बताया जाता है। इस सूत्र की खोज करनेवाले 18 वे शदाब्दी के महान वैज्ञानिक विश्व प्रसिद्ध गणिति का नाम है, ” कार्ल फ्रेड्रिक गॉस ”

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गणित विषय का अनुसंधान | Research of math topics

गणित में शोध किया तो कार्ल गॉस गोटिगंज विश्वविद्यालय के छात्र थे। गॉस ने सिद्ध करके दिखाया की, 17 बाजु के बहुकोन बनाने के लिए फुटपट्टी और कंपास के सहाय्यता से तैयार किया जाता है इस अनुसंधान की नोंद 30 मार्च 1896 को ली गई।

पदार्थ विज्ञान में अनुसंधान | Research in materials science  

कार्ल ने अपने कुशाग्र बुद्धिका का सबूत, विद्युत भार का सूत्र खोज के दिया। गॉस की हुशारी सभी क्षेत्र में सिद्ध हुई। गॉस अनेक भाषा में पारंगत था। 60 साल के उम्र में रशियन भाषा सीखे। सन 1807 में कार्ल गॉस गोटिंज महाविद्यालय में ग्रहज्योतिष विषय के प्राध्यापक बने।

मृत्यु  | Death

विश्वप्रसिद्ध गणिति और विज्ञान अनुसंधान कर्ता महान वैज्ञानिक का मृत्यु दि. 23 फरवरी 1855 को उम्र के 78 वे साल में हुआ।

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