Biography of the scientific Galileo Galilei:वैज्ञानिक’गैलिलिओ गैलिली’ की जीवनी

Biography of the scientific Galileo Galilei:वैज्ञानिक’गैलिलिओ गैलिली’ की जीवनी, Who is the astronomer of italy: इटैलिक का खगोलशास्त्री कौन है?,Who discovered the telescope life story 

Biography of the scientific Galileo Galilei:वैज्ञानिक'गैलिलिओ गैलिली' की जीवनी

इटली देश के खगोलशास्त्रज्ञ ” गैलिलिओ गैलिली ” ने ‘ दूरबीन ‘ की खोज किया और सन 1609 में अंतरिक्ष निरीक्षण किया। सन 2009 यह वर्ष ” आंतरराष्ट्रीय खगोलशास्त्र ” वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय संयुक्त राष्ट्र ने लिया है।

पोलंड देश में महान वैज्ञानिक ” निकोलस कोपर्निकस ” ने ” सूर्य-केंद्र-ब्रह्माण्ड ” संकल्पना की खोज किया और 24 मई 1543 को धरती से विदा हुए। उस समय बायबल में ” भू-केंद्र -ब्रह्म्हांड ” संकल्पना को मान्यता थी। चर्च विधि के नुसार पृथ्वी ही ब्रह्माण्ड का केंद्रबिंदु है ऎसा समजा जाता था और सूरज, चाँद , सितारे  पृथ्वी के सभोवताल घूमते है। गैलिलिओ गैलिली ने ” सूर्य-केंद्र-ब्रह्माण्ड ” अपने निरक्षण से साबित करके उसका प्रसार-प्रचार किया इसलिए उसे कारागृह में रखा गया था।

विज्ञान के नुसार सूर्य ” ब्रह्माण्ड ” का केंद्र है यह प्रयोगसिद्ध है और पृथ्वी सूर्य के सभोवताल घूमती है यह सत्य है लेकिन गैलिलिओ ने धर्म गुरु के कोर्ट में अपनी जान बचाने के लिए ” सूर्य पृथ्वी के सभोवताल घूमता है ” यह झूठ बोलकर कोर्ट से बरी हुए थे लेकिन कोर्ट से आते समय मन के मन में बोल रहे थे की , ” पृथ्वी सूर्य के सभोवताल घूमती है यह अंतिम सत्य है।

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गैलिलिओ का जन्म, शिक्षण और बचपन | Galileo’s Birth, Teaching and Childhood   

महान वैज्ञानिक गैलिलिओ गैलिली का जन्म सन 15 फरवरी 1564 को इटली देश के पिसा गांव में हुआ है। उसके पिताजी का नाम :- विंसिजियो गैलिली था और माताजी का नाम :- जूलिया था उसके पिताजी संगीततंज्ञ थे। गैलिलिओ का परिवार गरीब था। उसे छोटे दो भाई थे और चार बहना थी। गैलिलिओ का बचपन समुनदर  किनारे पिसा गांव में गया। प्रारंभिक अध्ययन फ्लोरेंस के मिशनरी स्कुल में हुआ। उसे बचपन से ही चित्रकला में रूचि थी। उसके उत्कृष्ट पेंटिग के तरफ विश्व का ध्यान था। हस्तकला कौशल्य में निपुण था। सन 1574 में उसका परिवार फ्लोरेंस के पास वैलग्ब्रोसा गांव में स्थाई हुआ। उसे उसके पिताजी ने वैद्यकीय शिक्षण के लिए प्रवृत्त किया और पिसा विद्यापीठ में दाखल किया। लेकिन उसका मन वैद्यकशास्त्र में नहीं लगता था। गैलिलिओ ने उम्र के 20 साल में अनुसंधान कार्य की झलक दिखाया।

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प्रयोगात्मक विज्ञान युग के लिए शुरुआत | Beginner to experimental science era    

एक बार पिसा के धर्ममन्दिर के हंडी में जलनेवाला दिया रस्सी से ऊपर लटकते हुए रखा गया, दिया दोनों बाजु से हवा से हिल रहा था। दिया के दोनों बाजु के हिलने के झोके गैलिलिओ ने अपने नाड़ी के ठोके घड़ी के जैसे गीनती की और हवा के झोके बड़े या छोटे लंबक करके लटकते दिया का विचार किया लेकिन रस्सी की लम्बाई बदली नहीं, अपने समय पर ही होता है, यह समय लंबक के रस्सी पर आधारित है।

इस अनुसंधान से लंबक का उपयोग करके रोगी की नाड़ी चेक करना आसान हुआ। लंबवत घड़ी की कल्पना गैलिलिओ ने खोज के निकाली। सन 1585 में गतिविषयक नियम खोज के निकाला। टस्कनी के ग्रैंड ड्यूक ने उसे पिसा विद्यापीठ में गणित के अध्यापक की नौकरी दी। सन 1591 में उसके पिताजी का निधन हुआ और परिवार की जबाबदारी गैलिलिओ संभालने लगे।

दहेज प्रणाली इटली में थी गैलिलिओ ने अपने बहनों की शादी कर्जा लेकर किया था अध्यापक के पेशे में गैलिलिओ ज्यादा प्रिय नहीं था। गैलिलिओ पद्विधर नहीं था और अरिस्टॉटल के विज्ञान तत्व को आव्हान देनेवाले गैलिलिओ का द्वेष टीचर करते थे।

सुके पेड़ का पत्ता और पथर इसमें पथर सबसे पहले जमीन पर निचे गिरता है और पत्ता धीरे-धीरे जमीन पर गिरता है लेकिन इसको कारण वजन नही है तो सुके पत्ते को होनेवाला हवा का प्रतिबंध है यह गैलिलिओ ने सिद्ध किया। गैलिलिओ ने पिसा टॉवर के झुके हुए मनोरा से दो लोहे के कम-ज्यादा वजन के गोले निचे फेके दोनों गोले एक ही समय पर जमीन पर गिरे।

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अलौकिक खगोल विज्ञान अनुसंधान | Supernatural astronomy research

गैलिलिओ ने ” इनश्रिया ” इस न्यूटन के गतिविषयक पहिले नियम का आधार लिया। गैलिलिओने तोफ के गोले का मार्ग  ” पैराबोला ” वैज्ञानिक के नियमानुसार रखा। इसलिए उसे पिसा विद्यापीठ से नोकरी से निकाल दिया गया। सन 1592 में गैलिलिओ को ” पादुआ ” विद्यापीठ में प्राध्यापक की नोकरी मिली और साथ में दुकान भी लगाया था जिसमे उसने तैयार किये गए वैज्ञानिक उपकरण, कम्पास, दूरबीन आदि सामान बेचता था।

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टेलिस्कोप का अनुशंधान | Telescope search

गैलिलिओ की कीर्ति सम्पूर्ण यूरोप में फैली थी उसके तरफ दूसरे देश से अनुसंधान के लिए आते थे। ‘ पादुआ ‘ विद्यापीठ में पद पर रहते समय उसे ग्रह ज्योतिष का आकर्षण निर्माण हुआ। गैलिलिओ ने 32 फुट के दुरी की चीज हम देख सकते है ऎसे दूरबीन की खोज किया और इस दूरबीन से चंद्र देखा। चंद्रमा की सतह पृथ्वी की तरह है।

ग्रह सितारों से अलग याने की चंद्र जैसे परप्रकाशित है। सितारे सवंयप्रकाशित है। ऎसा गैलिलिओ ने टेलिस्कोप से सिद्ध किया। टेलिस्कोप से देख के उन्हों ने बताया की, आकाशगंगा याने की सितारों का समूह है। गुरु के चार चंद्र गैलिलिओ ने खोज के निकाला। चंद्र के अप्रकाशित भाग का निष्कर्ष निकाला की, आदि ग्रह की तरह पृथ्वी सूरज की रोशनी को दर्शाके, चंद्र के अप्रकाशित याने की सूरज की रोशनी जिस भाग पर नहीं गिरती उस भाग पर पृथ्वी का चाँद आता है। पृथ्वी को चंद्र की तरह कला है आदि के बारे में खोज किया।

गैलिलिओ ने ग्रीक विचार से प्रयोग और विज्ञान में अनुसंधान किया। गैलिलिओ ने सन 1632 के कोपर्निकस के ग्रह ज्योतिष विज्ञान के कार्य का प्रचार प्रसार करते हुए सूर्य केंद्र सिद्धांत दुनिया के आगे स्पष्ट किया।

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उत्कृष्ठ विज्ञान लेखक | Excellent science writer

सन 1623 में गैलिलिओ ने गुरुत्वाकर्षण अनुसंधान करके दो प्रधान सिद्धांत पर ” संवाद ”  यह विज्ञान ग्रंथ प्रकाशित किया। इस वादग्रस्त ग्रंथ के कारण गैलिलिओ को चर्च के कोर्ट में सजा हुई। लेकिन खुद को बचने के लिए गैलिलिओ ने झूठ बोलके बरी हुआ।

दूरबीन के माध्यम से अंतरिक्ष का निरीक्षण करते थे और एक दिन वे अंधे हुए और 8 जनवरी 1642 को उम्र के 78 वे साल में गैलिलिओ का मृत्यु हुआ।

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