The great scientist of gravity Newton | गुरुत्वाकर्षण के महान वैज्ञानिक न्यूटन

The great scientist of gravity Newton : गुरुत्वाकर्षण के महान वैज्ञानिक न्यूटन, Fundamental science research, Research of gravity rule.

The great scientist of gravity Newton | गुरुत्वाकर्षण के महान वैज्ञानिक न्यूटन

आज का युग विज्ञान का युक है, वैज्ञानिक क्रांति के कारण विश्व में मानवजाति को बहुत फायदा हुआ। विज्ञान में मौलिक अनुसंधान लगाकर वैज्ञानिक विश्व में अजरामर हुए।

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परिचय : The great scientist of gravity Newton

न्यूटन का जन्म इंग्लैंड के लिंकशयर के पास वूलस्टरोप गाँव में 04  जनवरी 1642 को हुआ। उसके पिता का नाम :- आयझॅक था और माता का नाम :- हन्ना था। उनके पिताजी खेती करते थे न्यूटन के जन्म के कुछ महीने पहले उनके पिताजी का देहांत हुआ था। पिताजी की याद में उनका नाम आयझॅक न्यूटन रखा गया। न्यूटन के माँ ने कुछ दिनों में ही दूसरी शादी की और न्यूटन की देखभाल उसकी दादी करने लगी।

न्यूटन को ग्रामर स्कुल में प्रवेश मिला वहाँ पर उन्हें लैटिन साहित्य, ग्रीक साहित्य और गणित पढ़ाया गया। लैटिन भाषा को विज्ञान की भाषा समझते थे। न्यूटन पढ़ाई में हुशार और चिकित्सक बुद्धि का था। एक बार क्लास के एक लड़के से झगड़ा हुआ और न्यूटन ने लड़के को एक बुक्का मारा लड़का निचे गिरा।

स्कुल पढ़ते समय न्यूटन ने पवनचक्की, जलघड़ी, धूपघड़ी आदि छोटे-बड़े यंत्र बनाया। एक बार न्यूटन ने कागज के पतंग में दिया उड़ाया था।

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पारिवारिक जीवन : The great scientist of gravity Newton

1656 में न्यूटन के दूसरे पिताजी का निधन होने के बाद उसकी माँ अपने गांव वूलस्टरोप आयी। घर के लोगों की इच्छा थी की न्यूटन ने खेती करना चाहिए। लेकिन न्यूटन को बुक पढ़ना अच्छा लगता था। न्यूटन के मामा ने  कैम्ब्रिज विद्यापीठ में पढ़ने के लिए प्रेरित किया। 1661 में न्यूटन को ट्रिनिटी कॉलेज में प्रवेश मिला। स्कॉलरशिप के पैसों से न्यूटन ने अपनी पदवी तक की पढ़ाई 1665 में पूरी किया। भविष्य में न्यूटन कोपर्निकस, गेलिलियो और केप्लर आदि की तरह महान वैज्ञानि बनेगा ऎसा किसी ने नहीं सोचा था।

1665 में लंदन में प्लेग की बीमारी फैली और हजारों लोगों की मृत्यु हुइ। कैम्ब्रिज विद्यापीठ को छुट्टीया मिली छुट्टीयों में न्यूटन अपने गांव लिंकनशयार आया और खेती पर रहने लगा। सुट्टीयों में न्यूटन ने कैलकुलस, डिफरेंशियल और एन्ट्रीग्रल कैलकुलस नई गणिति पद्धति की रचना किया। एक बार न्यूटन मनोहर गार्डन में सेफ के पेड़ के निचे बैठा था और एक सेफ ऊपर से उसके सर पर गिरा इस माध्यम से गुरुत्वाकर्षण शक्ति की खोज लगाया। पृथ्वी से ऊपर फेकि गयी चीज गुरुत्वाकर्षण शक्ति से निचे वापस आती है।

गुरुत्वाकर्षण के संकल्पना का जनक सर आयझॅक न्यूटन ने 1667 में विज्ञान संशोधन लैटिन भाषा में ” प्रिन्सिपिया मैथेमैटिका ”  इस ग्रंथ के रूप में प्रकाशित किया। न्यूटन ने प्रकसशस्त्र ( ऑप्टिक्स ) में संशोधन किया और गणित शास्त्र के लिए कैलक्यूल्स नाम की पद्धत खोज निकाला।

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मौलिक विज्ञान अनुसंधान | Fundamental science research

न्यूटन गांव में 2 साल रहा तभी उसने अनुसन्धान किया और बहुत ही महान वैज्ञानि बना। गति का नियम, गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत आदि विज्ञान के शाखा में अनुसंधान कीया।

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गुरुत्वाकर्षण नियम का अनुसंधान | Research of gravity rule

जॉन केप्लर के नियम का अध्यन न्यूटन ने किया था। सूर्य और उसके सभोवताल घूमनेवाले ग्रह में नैसर्गिक आकर्षण था। न्यूटन का कहना है की , ” पृथ्वी और केंद्र में भी आकर्षण होना चाहिए। पेड़ से निचे गिरे सेफ से गुरुत्वकर्षण का नियम अस्तित्व में आया। गुरुत्वकर्षण का नियम वैश्विक नियम है। वैसे ही यह नियम सभी वस्तुओं को लागू है। गणित के माध्यम से न्यूटन ने किया गया अनुसंधान बहुत ही महत्वपूर्ण है।

वस्तु का भाग वस्तु के दूसरे भाग को आकर्षित करता है और आकर्षित  की शक्ति वस्तु के वस्तुमान के गुणाकर के समप्रमान में बदलता है। चंद्र का पृथ्वी के सभोवताल घूमने के लिए नियमित रखता है।

उम्र के 24 वे साल में ” गुरुत्वकर्षण ” नियम का अनुसंधान किया। अनुसन्धान करने में न्यूटन ने अपना समय लगाया।

1703 में न्यूटन को इंग्लैंड रॉयल संस्था का अध्यक्ष होने का बहुमान मिला ” और भी कोई गम है दुनिया में, इस मोहब्बत के सिवा ” इस पक्ति के नुसार न्यूटन अविवाहित था और उसने अपना पूरा जीवन ” विज्ञान अनुसंधान ” के लिए लगाया।

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प्रिसिपिया ऑप्टिका विज्ञान ग्रंथ | Prisipia Optika science text  

1667 में न्यूटन को ट्रिनिटी कॉलेज ने फेलोशिप प्रदान की और 1669 में न्यूटन ने 1687 में ” फिलॉसॉफिक प्रिन्सिपिया मैथमैटिका ” ग्रन्थ लैटिन भाषा में प्रकाशित किया। प्रिन्सिपिया ग्रन्थ में न्यूटन ने पुरे ब्रम्हांड की वैज्ञानिक जानकारी प्रस्तुत किया है। प्रिन्सिपिया भाग – 1 की सुरवात न्यूटन ने अपने गतिविषयक 3 नियम से किया है।

प्रथम नियम –  Inerti में जड़त्व की जानकारी दी है।

दूसरा नियम – ऋण और बल एकदूसरे से सम प्रमाण में रहते है।

तिसरा नियम – क्रिया और प्रतिक्रिया सम प्रमाण में रहते है लेकिन विरुद्ध दिशा में कार्य करते है।

प्रिंसिपिया के निचे के भाग में चंद्र, धूमकेतु और पृथ्वी का आकर आदि विषयों की जानकारी दी है।

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गतिविषयक नियम :

न्यूटन ने सिद्ध किया है की , ” गतिविषयक नियम पृथ्वी के सभी वस्तु के साथ-साथ खगोल पिंड पर भी लागु होते है। गुरुत्वकर्षण के नियम के साथ-साथ ब्रम्हांड के दो चीजें एकदूसरे को आकर्षित करते है।

 F = Gm1 m 2     रॉकेट के आविष्कार के 300 वर्ष पहले न्यूटन ने सिद्ध किया की, ग्रह का वस्तुमान ” m ” और

d 2

व्यास ” d ” है तो कृत्रिम उपग्रह का प्रक्षेपित वेग v = √2Gm  इस सूत्र से मिलेगा। G = गुरुत्वकर्षण स्थिरांक                                                                                                 r

न्यूटन के सभी नियम खगोलपिंड के लिए जरुरी है।

न्यूटन ने जीवन के दो पलों में क्या किया? | What did Newton do in two moments of life?

Newton ने 1696 – 1699 तक ब्रिटिश टांकसाल के अपने कार्य की अमित छाप छोड़के इंग्लंड के चलनी नाणे पौंड को स्थिर किया।

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न्यूटन ने अपने अंतिमशास तक अनुसन्धान का कार्य, आध्यात्मिक चिंतन, ज्योतिष और रासायनिक संशोधन आदि को याद कर रहा था अपने अनुसंधान के प्रति न्यूटन समाधानी नहीं था।

Newton’s कहता है , ” I do not know what I may appear to the world, but to myself I seems to have been only like a boy playing on the seashore, smoother pebble or a prettier shell than ordinary, whilst the great ocean of truth lay all undiscovered before me.”

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” न्यूटन जैसा महान वैज्ञानिक, कई सदियों में कभी कभार जन्म लेता है। और एक ही जन्म में कई जन्मो के कार्य कर लेता है।”

Newton’s death : न्यूटन का मृत्यु 

आयझॅक न्यूटन की मौत 31 मार्च 1727 को उम्र के 84 में हुई।

उनके कब्र पर लैटिन भाषा में शब्द लिखे गए , ” मनुष्यो, मानव प्रजाति के महान आभूषण पर प्रसन्न होईये। ”

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