Benefits of peppermint:पुदीना के बहुगुणी लाभ (मेंथा-Mentha)

Benefits of peppermint:पुदीना के बहुगुणी लाभ (मेंथा-Mentha), pudeena ke aushadhi phaayade:पुदीना के ओषधियुक्त फायदे,(Anti-bacterial), एंटीसेप्टिक (Antiseptic) और एंटी- इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) 

welcome to my  site www.pravingyan.com आज हम आपसे इस लेख (Article) के माध्यम से  बात करेंगे पुदीना वनस्पति की, पुदीने की खुशबु और उसका स्वाद हमारे शरीर में ताजगी प्रदान करने का काम करता है। पुदीना यह एक महत्वपूर्ण औषधि और महत्वपूर्ण गुणधर्म से परिपूर्ण वनस्पति हमें कुदरत ने प्रदान किया है।

Benefits of peppermint:पुदीना के बहुगुणी लाभ (मेंथा-Mentha),Anti-bacterial , Antiseptic, Anti-inflammatory

गर्मी के दिनों में हर घर में बाहर सी छा जाती है क्यों की, हर घर में पुदीने की चटनी बनाई जाती है। पुदीने के खुशबूदार पत्तियों से सभी लोग परिचित है, पुदीना शरीर में चुस्ती और स्फूर्ति प्रदान करता है। Benefits of peppermint

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पुदीना की खास बाते:

पुदीना को विज्ञान के भाषा में ‘ मेंथा ‘ कहा जाता है। पुदीना की पत्तियों में एंटी-बैक्टीरियल (Anti-bacterial), एंटीसेप्टिक (Antiseptic) और एंटी- इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) आदि का सत्व पाया जाता है। इसके एंटी-बैक्टीरियल (Anti-bacterial) और एंटी- इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) तत्व के कारण श्वसन नलिका में आनेवाली सूजन को कम करता है। पुदीना पेट के लिए बहुत ही फायदेमंद है क्यों की, इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट (Antioxidant) और फाइटोन्यूट्रिएंट (Phyto Nutrients) तत्व पाए जाते है। पुदीना में मौजूद मेंथाल से पाचनक्रिया बराबर होती है और गैस, ऐठन और एसिडिटी को कम करता है। पुदीना की पत्तियों से रक्त शुद्ध होता है और विषैले पदार्थों को खत्म करता है आदि गुणों के कारण पुदीना मानवजाति के लिए बेहद फायदेमंद है। Anti-bacterial , Antiseptic, Anti-inflammatory

व्हिटामिन ए, बी-1, बी-2, ई, कैल्शियम, फ़ॉस्फ़रस, लोह, प्रथिने, नैसी ओक्झेलिक असिड, कार्बोदक आदि के सत्व पुदीना में पाए जाते है। पुदीना सुंगधितयुक्त, डेस्टी, पाचक, वातहर, वायुहर  कृमिनाशक गुणों से युक्त है।

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 pudeena ke aushadhi phaayade:पुदीना के ओषधियुक्त फायदे

  • पुदीना के पत्तियों की चटनी गुळ अथवा शक़्कर, अदरक, लसन, कैरी, जीरा और नमक डालकर बनाते है। गुजरात, महाराष्ट्र और बंगाल में पुदीना से अनेकों प्रकार की चटनी बनाते है।
  • गर्मी के मैसम में पछीना निकलता है और उसके साथ लोह, कैल्शियम, फ़ॉस्फ़रस आदि मिनरल चले जाते है और मिनरल की कमियाँ भर के लाने के लिए, पुदीना सेवन करना चाहिए।
  • सामन्य ज्वर, वातविकार, कृमि, अपचन और पेटदर्द आदि के लिए पुदीना के रस में काला नमक पीसकर डाले और रस का सेवन करे। Anti-bacterial , Antiseptic, Anti-inflammatory
  • जोर से बोलना, भाषण देना और गाना गाना आदि के कारण गला बैठा हो तो पुदीना का काढ़ा बनाकर दिन में 3 बार कुरला करना चाहिए। Anti-bacterial , Antiseptic, Anti-inflammatory
  • कफ के रोगी को पुदीना का रस और शहद का मिश्रण 1 चमच पिलाने से कफ पतला होकर बाहर निकलता है। क्षय, दमा और ब्रॉंकायटिस रोगी के लिए बहुत ही फायदेमंद है।
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  • उलटी होती हो तो, पुदीना का रस और निम्बू का रस पानी में मिलाकर पिलाने से उलटी बंद होती है और अच्छा लगता है।
  • हलदी पावडर मिलाकर उसका लेप ख़रूज, इसब, गजकर्ण और नायटा आदि पर पुदीना का रस लगाने से आराम मिलता है।
  • पुदीना में पाए जानेवाले कृमिनाशक सत्व से गैस्ट्रो, कॉलरा और पीलिया (Jaundice) को दूर भागने में मदद करते है।
  • मेंथाल तेल निकाला जाता है और उसका स्फटिक तैयार किया जाता है इसे मेंथाल, पुदीना का फूल अथवा थंडाई कहते है।
  • पुदीना की पत्तिया खाने से दाँत के विकार, मसूड़ों से खून निकलना और मुँह की दुर्गन्धि आदि बिमारी फ़ैलानेवाले कृमि को नष्ट करती है।
  • चेहरे के दाग-धब्बे और रूखी त्वचा के लिए पुदीना के पत्तियों का लेप बनाकर रात में लगाना चाहिए और सुबह पानीसे धो लीजिए।
  • बीपी को कंट्रोल करता है, जैसे की बीपी हाय होती है, तभी पुदीने के रस में चीनी और नमक डालकर लेना चाहिए और लो बीपी के लिए सेंधा नमक डालकर पुदीने का रस पीना चाहिए।
  • पुदीने की पत्तिया चीनी के साथ खाने से हिचकी से छुटकारा मिलता है।
  • जले, कटे के घाव पर पुदीने का लेप लगाने से घाव जल्द ही भरता है।
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