King of flowers roses:फूलों के राजा गुलाब (Rose flower use for medicine)

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गुलाब को फूलों का राजा कहाँ जाता है, गुलाब के पेड़ को काटे रहते है और काँटों के बिच में एक सुंदर सा, प्यारा सा, नन्हा सा गुलाब खिलता है, जो सबके दिलों पर राज करता है, इसलिए गुलाब को फूलों का राजा कहाँ जाता है। गुलाब के फूल के मुकुट को सबसे पहले पांच पत्तिया रहती है। गुलाब के फूल बहुत प्रकार में पाए जाते है और गुलाब के पेड़ को अनेक प्रकार के फूल खिलते है।

King of flowers roses:फूलों के राजा गुलाब (Rose flower use for medicine)

जहाँगीर बादशहा और नुरजहाँ का पसंदिता फूल गुलाब था, इसलिए भारत का नंदनवन कश्मीर के श्रीनगर में शालीमार निशांत उद्यान (Shalimar nishant garden) मौजूद है।

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गुलाब के नाम | Rose names

शतपत्री, गुलाबफूल, रोझा, रोजफ्लावर आदि नामों से गुलाब की कुछ अलग ही पहचान है।

गुलाब के फूलों का उपयोग | Use of rose flowers

सुगन्धित फूल होने के कारण गुलाब के फूल को पूजा-अर्चना के लिए उपयोग में लाया जाता है। मंद, मधुर, मोहक सुगंध देनेवाले गुलाब गुच्छ से मेहमानों का अभिनंदन (welcome) करते है, गुलाबदानीं में लगाया जाता है वैसे ही स्त्री के चोटी पर भी गुलाब लगाया जाता है। अभी हॉटेल, कार्यालय, उपहारगृह स्वागत समारंभ, गुलाब पानी, अत्तर, गुलकंद, शरबत, तेल आदि बनाया जाता है। गुलाब दिमाग (brain) की शक्ति बढ़ाता है।

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गुलाब के फूलों का दवा के लिए उपयोग कैसे करे | Gulab flower ka medicines ke liye use kaise kre  

गुलाब के फूल की पत्तिया एक कांच के बरनि में रखे उसमे खड़ीशक़्कर डाले और सूरज की किरणों में रखे ऎसा एक माह करे उसके बाद उसमे 20 ग्राम प्रवाल भस्म डाले अभी आपका गुलकंद तयार है। गुलकंद का उपयोग धूपकाले में शरीर की गर्मी, दाह कम करने के लिए हर दिन एक चमच सेवन करना चाहिए।

बड़े लाइची का छिलका 3 ग्राम लेकर उसे गुलाब अर्क 250 ग्राम में डालकर उसे उबाले और ठंडा होने पर कॉलरा के रोगी को पिलाए।

125 मिली ग्राम गुलाब के अर्क में 60 मिली पानी डाले उसके बाद उसमे किसमिस डालकर उसे रात में बाहर रखे सुबह किसमिस निकालकर खाए और बचा हुआ अर्क का पानी पिए, ऎसा करने से दिल की धड़कन बराबर रहती है और शरीर मजबूत रहता है।

पेट साफ और थकावट दूर करने के लिए सुके हुए गुलाब की पत्तिया शक़्कर के साथ खाना चाहिए।

सूतशेखर और गुलाबपानी सिरदर्द के लिए बहुत ही उपयोगी है। King of flowers roses

आँखे लाल होती है तो गुलाबपानी और साधा पानी में तुरटी घूमाकर आँखे धोने से आँखों का लालपन और जलन दूर होती है।

गुलाब के सेवन से चेहरे पर निखार आता है, ह्रदय की धड़कन बराबर रहती है रक्ति मूलव्याध और श्वेत प्रदर कम होता है।

गुलाब से अत्तर तयार किया जाता है और उसका उपयोग सुगंध के लिया किया जाता है लेकिन उसका गुणधर्म हमारे शरीर को ठंडापण प्रदान करना रहता है, शरीर की गर्मी कम करता है।

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व्हिटामिन सी की मात्रा गुलाब में अधिक रहती है।

गुलाब की शरबत ह्रदय और सर को शक्ति प्रदान करता है।

शरीर को दुर्गन्धयुक्त पछीना आता है तो गुलाब की पत्तियों को नहाने के पानी में डाले और पत्तियों का लेप बनाकर शरीर को लगाए और स्नान करे, पछीने की दुर्गन्ध चलि छाएगी।

कान में दर्द होता होगा तो, गुलाब का ताजा रस कान में डाले आराम होता है।

गर्मी के कारण आप ज्यादा ही परेशान है तो, चंदन में गुलाबजल मिलाकर तल पैर और तल हात को लेप लागए, लगाने से गर्मी से छुटकारा मिलता है।

दातों का दुखना मसूड़ों से खून निकलना इसकेलिए गुलाब की पत्तिया खाना जरुरी है, गुलाब शीतवीर्य वनस्पति है, गर्मी के सभी विकार दूर होते है, वैसे ही अल्सर, पेटदुखना, मूलव्याध आदि विकार गुलाब की पत्तियाँ खाने से कम होती है।

आज के युग में गुलाब को बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है, गुलाब से अत्तर, दवाइयाँ बनाई जाती है। किसान के लिए गुलाब की खेती एक जोड़ धंदा है, जो इस धंदे से बहुत ही ज्यादा पैसा कमा सकता है। हॉलैंड, जर्मनी, फ़्रांस,इटली, इग्लैंड आदि राष्ट्र में गुलाब की खेती की जाती है। महाराष्ट्र में नाशिक, इचलकरंजी, सांगली, बार्शी, डहाणू और विदर्भ आदि में गुलाब की खेती की जाती है, इसके कारण लोगों को रोजगार मिल रहा है। गुलाब की खेती के लिए ठण्ड का मौसम अच्छा रहता है और सूर्यकिरण की आवश्यकता होती है।

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