History of the Olympic Games:ऑलिम्पिक खेल (प्रतियोगिता) का इतिहास

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ओलंपिक प्रतियोगिता क्या है?(What is an Olympic competition?), ओलंपिक का इतिहास (History of Olympics), ओलंपिक में भविष्य कैसे बनाया जाए? (How to make a future in the Olympics) जानने के लिए लेख अंत तक जरूर पढ़े ….

History of the Olympic Games:ऑलिम्पिक खेल (प्रतियोगिता) का इतिहास

Olympic का जन्म

  • ग्रीस देश का राजा अपने देश में ग्रीस God  झेड के नाम से Religious festival मनाता था। इस देश में Olympics नाम का  Mountain था और Olympiya  नाम का एक गांव था, वहा पर प्रतियोगिता का आयोजन करते थे। इसलिए Olympiya गांव में खेलेजानेवाले खेल प्रतियोगिता को Olyampic प्रतियोगिता कहते है। Olympic यह नाम,  Olympics नाम से लिया गया है।
  • Olympic की सुरुवात ग्रीस देश में इ.स पूर्व 776 में हुई। यह प्रतियोगिता चार साल के बाद में ग्रीस देश में ही होती थी। इस प्रतीयोगता में व्यायाम के खेल (अथलेटिक्स) का ही समावेश रहता है। इस प्रतियोगिता में, ऊंच- उडी, लांब उडी, कुस्ती, भाला फेक, घोड़ दौड़, रथ दौड़ इ. खेल का समावेश होता है। history-of-olympic
  • Olympic प्रतियोगिता ग्रीस देश के स्पर्धक के लिए ही होती थी, लेकिन विश्व के कोई भी स्पर्धक को सम्मिलित होते आता था। धार्मिक festival के साथ में प्रतियोगिता का आयोजन इ.स 394 तक ग्रीक देश में चालू रहा, लेकिन इ.स 394 से प्रतियोगिता बंद हो गई और पंधरा साल तक यह प्रतियोगिता बंद रही। history-of-olympic

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  • इ.स. 1894 में फ्रेंच शिक्षण तंज्ञ पेइरे डी. क्यूबेस्टीन इन्हों ने विश्व में सौहार्द्र, संवाद और समन्वय रहना चाहिए इसलिए Olympic प्रतियोगिता की परंपरा पुनर्जीवित करने के लिए ग्रीस और अन्य देशों से संपर्क करके खेल प्रतियोगिता की सुरुवात किए। उसके बाद दो साल याने की इ.स 1896 में इस परंपरा को ” Olympic ” इस नाम से पुनर्जन्म हुवा। इ.स. 1896 में ग्रीस के अथेन्स में पुरे विश्व के लिए प्रथम Olympic प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। और चार साल के बाद में इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है, लेकिन यह प्रतियोगिता विश्व के किसी भी देश में इसका आयोजन किया जा सकता है। इस परंपरा को प्रथम महायुद्ध (1916), दूसरे महायुद्ध(1940), और 1944 यह अपवाद है।
  • Olympic प्रतियोगिता के आयोजन के लिए ” आंतरराष्ट्रीय ऑलिम्पिक महासंघ ” की स्थापना हुई। यह महासंघ खेल और मैदान के नियम और नियमावली बनाता है और आयोजक पर नियंत्रण रखता है। इस महासंघ से संलग्नित विश्व के किसी भी देश के राष्ट्रीय ऑलिम्पिक संस्था इस प्रतियोगिता में सम्मिलित होने के लिए अपना पुरुष संघ और महिला संघ भेज सकते है। लेकिन महासंघ के नियम और नियमावली का पालन करना पड़ेगा। इ.स. 1992 से Olympic के प्रतियोगिता में खेलने के लिए महिलाओं को मान्यता दी गई है। history-of-olympic

ऑलिम्पिक नारा | Olympic slogan

  • आधुनिक Olympic प्रतियोगिता के संस्थापक पेरेर डी क्युबेस्टीन ने एक लेटिन कहावत से Olympic के लिए slogan लिए गए,वे slogan थे , ” चषक(Cup), उच्चतम(Highest), सामर्थ्थ(Power) ” history-of-olympic

 Olympic  प्रतीक | Olympic symbol

Olympic Rings 11

  • एकमेक में लगे हुए पांच रिंग प्रतियोगिता के सूचक प्रतिक है। यह पांच रिंग याने की पांच खंड के प्रतिक समझते है यह रिंग मित्रता, भाईचारा और प्रतियोगिता के दर्शक है। इस रिंग में निला,पिला, काला, हरा, और लाल रंग है, इस में से कोई भी रंग किसी भी देश के National flag में रहता ही है। history-of-olympic

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Olympic Motto 

  • ओलिंपिक प्रतियोगिता का ब्रीदवाक्य – ” प्रतियोगिता में सम्मिलित होकर जितना बहुत जरुरी है ”।
Olympic प्रार्थना | Olympic prayer
  • ओलिंपिक flag लगाते समय Olympic Prayer बोलना पड़ता है। इ.स. 1896 में अथेन्स Olympic में सबसे पहले prayer हुई थी। इ.स 1896 के पहिले Olympic से यह prayer बोली जाते है। आंतरराष्टीय Olympic महासंघ ने 1957 में इसे अधिकृत दर्जा दिया।

ओलिंपिक शपथ | Olympic oath

  • पेइरे डी क्यूबेस्टिन ने Olympic प्रतियोगिता में सम्मिलित हुए छात्र के लिए शपथ तयार किये। प्रतियोगिता में सम्मिलित कोई भी खिलाडी prayer पढ़ के बताएगा। इ.स 1920 के एंटवर्प Olympic में पहली बार यह शपथ लिए थे। history-of-olympic
  • बेल्जियम तलवारबाज व्हिक्टर बोइन को पहिली बार Olympic खेल प्रतियोगिता में शपथ लेनेका मान मिला। यह शपथ ऐसी थी की ,” सर्व स्पर्धक के तरफ से मै ऐसा वचन देता हु की, इस Olympic में हम सभी नियमों का पालन आदरपूर्वक करे। सही खिलाडी वृत्ति का प्रदर्शन करके खेल का वैभव और हमारे संघ का आनंद द्विगुणति होगा। history-of-olympic

Olympic ज्योत | Olympic Flame

  • ग्रीस के Olympiya में Olympic ज्योत प्रज्वलित करने की परम्परा चालू है। वहा पर ज्योत सूर्यकिरण के मदद से प्रज्वलित की जाती है और प्रतियोगिता के समय ज्योत प्रज्वलित की जाती है।
  •  1928 में अमस्टर्डम Olympic में पहली बार ज्योति प्रज्वलित की गई थी। इ.स. 1936 के बर्लिन Olympic संयोजन समिति के अध्यक्ष कार्ल डेईम इन्होनें ज्योत दूसरी और रिले पद्धति से लेके जाने की संकल्पना बताए। ग्रीस में Olympiya में ज्योत प्रज्वलित करके स्टेडियम तक पहुंचाई जाती है।
Olympic उद्घाटन | Olympic opening
  • 1908 मे लंदन Olympic प्रतियोगिता का प्रथम उद्घाटन हुवा था। Olympic प्रतियोगिता यजमान करते समय अतंरराष्ट्रीय Olympic महासंघ (आयओसी) देश के नाम के पहले शहर का नाम प्रथम आना चाहिए। इसलिए उस साल की Olympic प्रतियोगिता उस शहर के नाम से पहचानी जाती है।
  • उदा.बीजिंग Olympic 2008, लंदन Olympic 2012
Olympic पदक | Olympic medal
  • . 2012 तक Olympic प्रतियोगिता में विजयताको Pure Gold का Medal दिया जाता था। उसके बाद Pure Gold का प्रमाण Medal में से कम हो गया। अभी देनेवाले Medal में कमसे कम 3 मि. मी.मोटा और 60 मि.मी व्यास का होना जरुरी है। Gold Medal में 6 ग्राम Pure Gold होना जरुरी है। और Silver Medle में 92.5 % Silver रहती।Medle की Design तयार करने का अधिकार प्रतियोगिता आयोजन समिति का रहता है।
  • .1896 के प्रथम अथेन्स Olympic प्रतियोगिता यजमान ग्रीस देश ने सबसे ज्यादा 47 Medle जीते।
  • प्रथम Olympic यू.एस.ए का जेम्स बी कोनोली यह Olympic का First Gold Medalist है। यू.एस.ए यह देश Olympic प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा Medle विजेता है। यू.एस.ए ने अबतक 2189 Medle जीते है। लोरिसा लाथनिसा इस सोव्हीएत यूनियन के व्यायामपटूने (Gymnast) Olympic Career में 18 Medle जीते और अपना नाम देश के इतिहास में दर्ज किया।

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Olympic प्रतियोगिता के स्थान | Location of Olympic competition

Location of Olympic competition

Location of Olympic competition

London olympic 2012

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लन्दन ऑलिम्पिक 2012 | London olympic 2012
  • ग्रेट ब्रिटेन( इंग्लड) की राजधानी London में 30 वि प्रतियोगिता 28 जुलाई से 13 अगस्त 2012 इस साल में संपन्न हुई। इस प्रतियोगिता में 26 क्रीड़ा प्रकार में से 302 प्रतियोगिता लिए थे। इस प्रतियोगिता में संमिलित होनेवाले देशों की संख्या 204 और संमिलित होनेवाले Player की संख्या 10,500 /- थी। 28 जुलाई 2012 को इस प्रतियोगिता का उद्घाटन हुवा और 13 अगस्त 2012 को यह प्रतियोगिता संपन हुई। इ.स. 1908, 1948, और 2012 इस तरह Olympic Games का Three times आयोजन करने का मान विश्व में London City को मिला।
  • इस Olympic प्रतियोगिता में इंग्लंड ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। राष्ट्रकुल प्रतियोगिता में 38 Gold Medle
  • हासिल करके भारत ने इंग्लैंड को पीछे किया था। लेकिन Olympic प्रतियोगिता के लिए बहुत अच्छा प्रदर्शन करके 29 Gold Medle हासिल करके Medle list में तिसरे स्थान पर था।
  •  1996 के अटलांटा Olympic में इंग्लैंड को 1 ही Gold Medle मिला था। उस समय से इंग्लैंड ने अच्छी अभ्यास किया और .2000 के सिडनी Olympic प्रतियोगिता में 10 Gold Medle , इ.स.2004 के अथेन्स Olympic प्रतियोगिता में 11 Gold Medle , इ.स. 2008 के बीजिंग Olympic में 19 Gold Medle हासिल करके ऐसे 29 Gold Medle हासिल करके अपना नाम इतिहास में दर्ज किया।
ओलिंपिक और भारतीय पदक विजेते | Olympic and medal winners
  • 1900 के पेरिस Olympic में भारत पहली बार संमिलित हुवा। इस Olympic प्रतियोगिता में 19 खेल के प्रकार खेले गए थे। कोलकत्ता का अग्लो इंडियन player नॉर्मन गिल्बर्ट प्रिचर्ड यह ब्रिटश वंश का था लेकिन भारत का खिलाडी था, उसने 200 मी. दौड़ और 110 मीटर  बाधा (Obstacle) प्रतियोगिता में 2 silver medle हासिल करके खाता खोला। 110 बाधा के प्रतियोगिता  पाचवे स्थान पर रहा। नॉर्मन विजयी हुवा।
  •  1900 के पेरिस Olympic के बाद भारत  1904, 1908, 1912 इस तीन Olympic प्रतियोगिता में संमिलित नहीं हुवा था।
  • .1916 बर्लिन(पूर्व जर्मनी) Olympic प्रतियोगिता प्रथम महायुद्ध के कारन रद्द हुई।
  • 1920 के अटवर्प Olympic में भारत ने पहली बार अपना संघ भेजा।
  • 1928 यह साल भारत के इतिहास का सुवर्णमय साल रहा 1928 में एमस्टर्डम Olympic प्रतियोगिता में भारत ने अपना हॉकी संघ भेजा इस प्रतियोगिता में 9 संघ संमिलित थे। भारत अ गट में था इसलिए बेल्जियम, डेन्मार्क, स्वित्झर्लंड, ऑस्ट्रेलिया, इन संघ का मुकाबला करना पड़ा। प्रथम फेरी में भारत ने 6 – 0 से ऑस्ट्रेलिया को पीछे किया,उसके बाद बेल्जियम(९-0), डेन्मार्क (5 -0), और स्वित्झर्लंड(6-0 ) इस संघ को पीछे करके फाइनल में पहुंचा, फाइनल में ध्यानचंद ने 3 गोल पर नेदरलैंड (3-0 ) से हराया और भारत का विजय हुवा। इस जित में ध्यानचंद ने 11 गोल करके अपने भारत देश का नाम इतिहास में दर्ज किया।
  • 1932 के लॉस एंजिल्स Olympic में भारत ने हॉकी के प्रथम फेरी में जापान को (11 – 1), और फाइनल में अमेरका को (24 -1), से पीछे करके अपना पद कायम रखा। और 1 Gold Medle हासिल किया।
  •  .1936 के बर्लिन Olympic में भारत ने जर्मनी को (८ -1 ) से हराकर हॉकी में Gold Medle की Hatrick  किया।
  •  1948 में लंडन Olympic में हॉकी म अंतिम पारी में ग्रेट ब्रिटन को (4 – 0) से हराकर Gold Medle हासिल किया।
  • 1952 के हेलसिंकी Olympic हॉकी के प्रतियोगिता में प्रथम फेरी से आगे निकल कर दूसरे फेरी में ऑस्ट्रेलिया(4 -0), ग्रेट ब्रिटेन का (3 -1 ), और अंतिम फेरी में नेदरलैंड का (6-1 ), से हराकर Gold Medle  हासिल किये। इसी Olympic प्रतियोगिता में भारत का खाशाबा जाधव इसने कुस्ती बटमवेट (52 की.ग्रा ) वजन गट में तीसरा क्रमांक लाकर भारत को कास्यपदक हासिल करके दिया।
  • 1956 के मेलबोर्न Olympic हॉकी प्रतियोगिता में 1 Gold Medle हासिल किया।
  • 1960 के Olympic हॉकी प्रतियोगिता में भारत ने Silver Medle हासिल किया। इसी Olympic में मिल्खासिंग ने 400 मी. दौड़ के प्रतियोगिता
  •  1964 के Olympic प्रतियोगिता हॉकी में Gold Medle हासिल किये।
  • 1968 के मेक्सिको Olympic और इ.स.1972 के म्युनिक Olympic हॉकी में कस्य पदक (Bronze medal)  पर ही समाधान मानना पड़ा। लेकिन दिया बुझने से पहले एक अनोखा ही आवाज करता है, ठीक वैसा आवाज करके पन्हा एक बार Gold Medle पर कब्ज़ा किया।
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  • 1980 के मॉस्को Olympic हॉकी प्रतियोगिता में भारत को कोई भी Medle हासिल करते नहीं आया।
  • 2012 के लंदन Olympic में भारत को हॉकी संघ को कोई भी Medle हासिल नहीं हुवा।
  • 1984 के लॉस एंजिल्स Olympic प्रतियोगिता में 200 मी.अडथळा(बाधा) (Obstacle) प्रतियोगिता में पी.टी. उषा का चौथा क्रमांक आया था। पि.टी.उषा का 0. 01 Difference के कारन कास्य पदक हासिल नहीं कर पाई।
  • .2004 के अथेन्स Olympic में भारत के कर्णम मल्लेश्वरी ने 69 किलो वजन गट में 240 किलो वजन  उठा के कास्य पदक की कमाई की। दो किलो वजन कम उठाने के कारण उनका Silver और Gold Medle  के लिए उनका क्रमांक नहीं लगा। इसी Olympic में राज्यवर्धन राठोर ने डबल ड्रॉप में 179 अंक लेकर silver Medle हासिल किया। इस प्रतियोगिता में यूएई का अहमद अल माकटो ने 189 अंक हासिल करके और चीन का वेग सेंग ने 177 अंक प्राप्त करके Gold और कास्य पदक (Bronze Medle) हासिल किये।
  • 2008 के ब्रिजिंग Olympic में तीन नए सितारे चमके और भारतीय क्रीड़ा क्षेत्र को आगे लेके गए। अभिनव बिंद्रा, सुशील कुमार, और विजेंद्र सिंग यह नए सितारे भारत को मिले। इस Olympic में अभिनव बिंद्रा वैयक्तिक Gold Medle हासिल किया  अभिनव बिंद्रा ने 10 मीटर एअर रायफल प्रकार में 700. 5 अंक प्राप्त करके भारत को पहली बार  वैयक्तिक Gold Medle हासिल करके दिय। सुशील कुमार ने 66 किलो फ्रीस्टाइल कुस्ती में कास्य पदक हासिल किया। सुशील कुमार ने कझाकस्तान के कोओनिड स्पिरिडोनाव्हनर से 3-2 से विजय हासिल किया। लेकिन सुशील कुमार को यह Medle जार्जीयाके ओ.आर.सुशीश्रीली के साथ Medle को बाटना पड़ा। विजेंद्र सिंग ने मुक्केबाजी में कास्य पदक हासिल करके सबको आश्चर्यचकित किया और Medle  को आयरलैंड के डैरेन रुदरलैंड के साथ बाटना पड़ा।
  • .2012  लन्दन Olympic प्रतियोगिता में पहलीबार ही भारत ने 6 Medle हासिल करके इतिहास में अपना नाम दर्ज किया। लेकिन इस प्रतियोगिता में एक भी Gold Medle हासिल करते नहीं आया। लेकिन भारत को 55 वे स्थान पर रहना पड़ा।
इ.स 2012 के लंदन Olympic के Medle प्राप्ति सितारे  …….

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  • सुशील कुमार 66 किलो फ्रीस्टाईल कुस्ती में Silver Medle
  • विजय कुमार 10 मीटर रैपिड फायर पिसुल नेमबाज में Silver Medle
  • मेरी कॉम 51 किलो महिला मुक्केबाजी में कास्य पदक (Bronze medal)
  • योगेश्वर दत्त 60 किलो फ्रीस्टाइल कुस्ती में कास्य पदक (Bronze medal
  • सायना नेहवाल ने महिला एकेरी बैटमिंटन क्रीड़ा में कास्य पदक (Bronze medal)
  • गगन नारंग 10 मीटर एअर रायफल में कास्य पदक (Bronze medal)

भारत Olympic में 112 साल में 20 Medle हासिल करते हुए आए और 11 Medle हॉकी में हासिल किया।

जय हिंद…………….                                 वन्दे मातरम …………                             जय भारत……………….

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