Businessman Aditya Vikram Birla:बिजनसमेन आदित्य विक्रम बिरला

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Businessman Aditya Vikram Birla:बिजनसमेन आदित्य विक्रम बिरला

सभी पंखों के पंछी एक जगह पर रहते है, ठीक उसी तरह भी उद्योगपतियों का भी एक बसेरा रहता है, ठिकाना रहता है, हाँगकाँग का ”पिक” (hong kong best pick), लंदन का ”मेफेयर” (Mayfair London) और मुंबई का मलबार हिल (malabar hill mumbai) इस क्षेत्र में यद्योगपतियों का ठिकाना है, मलबार हिल के दक्षिण में  ”इल पेलझो” यह बहुत बड़ा कॉम्लेक्स है और इस कॉम्प्लेक्स में बड़े-बड़े बिजनसमैन रहते है। businessman aditya vikram birla 

जन्म | Birth

आदित्य बिरला का जन्म नई दिल्ली बिर्ला हॉउस में रविवार को 11 बजके 07 मिनट ( मार्ग शीर्ष कृष्ण 3 , संवत 2000) याने की 04 नोहंबर 1943 को हुवा है। उनके पिताजी का नाम बीके(बसंतकुमार) है और माता जी का नाम सरला है । उसके बाद 1951 को जयश्री मेहता और 1957 को मंजुश्री खैतान का जन्म हुवा है। businessman aditya vikram birla

शिक्षण:

आदित्य बिरला का बालपन कलकत्ता में गया 1955 तक बिर्ला पार्क में रहते थे। उसके बाद बीके ने बनाए हुए ” वसंतकुमार विहार ” में रहने को गए। बिरला पार्क को औद्योगिक और तंत्रज्ञान में परिवर्तित किया गया। आदित्य बिरला को पढ़ने के लिए ” महादेवी बिर्ला शिशुविहार ” स्कुल की स्थापना की गई। ढाई साल के बाद हिंदी स्कुल में दाखल हुए। दसवीं के बाद उन्होंने सेंट झेवियर्स कॉलेज में दाखल हुए और विज्ञान में पदवी प्राप्त किए। businessman aditya vikram birla 

सप्टेंबर 1962 में आदित्य बोस्टन को चले गए। और उन्होंने एमआईटी ( मॅसेच्युसेट इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी ) पदवी प्राप्त किए।

आदित्य बिर्ला की शादी राजश्री ( राजकुमारी ) फॉर्मा इनके साथ 19 जनवरी 1965 में हुई। शादी के समय आदित्य बिरला की उम्र 14 साल और राजश्री उर्फ़ राजकुमारी उनकी उम्र 10 साल की थी। आदित्य उम्र के 22  वे साल में पिताजी बने 14 जनवरी 1957 को लड़का कुमारमंगलम और 10 जून 1976 को लड़की वासवदत्ता का जन्म हुवा।

बिजनस की सुरवात | Start of business

जुलाई 1964 को सूत के मशीन का परवाना आदित्य बिरला के हाथ में दिया गया। तीन कोटि रु. की यह कम्पनी बिके ने 1944 में स्थापन किया था। 80 लाख रु.के इस प्रकल्प में नोकरी पर किसको रखाजाय, कैसी यंत्र सामग्री होनी चाहिए, बिल्डिंग कैसी होनी चाहिए इसकी पूरी देखरेख आदित्य बिरला के तरफ थी।

अक्टूबर 1966 में आदित्य बिरला ने 30 लाख रु. में इंडियन रेयॉन कंपनी खरेदी किया। कुछ दिनों के बाद इस कंपनी को आग लगी उस समय आदित्य बिरला 24 साल के थे और इंडियन रेयॉन कंपनी को फिर से चालू किए , सीमेंट और कार्बन ब्लैक का उत्पादन चालू किए, 1990 में आर्गोन गैस और सी वॉटर मैग्नेशिया विभाग को जोड़ दिया गया।

1974 में थार ने इंडियन रेयॉन कंपनी आदित्य बिरला को बेचीं तब उस समय में रेयॉन कम्पनी खाजगी क्षेत्र की भारत की महत्वपूर्ण कम्पनी थी। 1995 में इस कम्पनी का 23 वा क्रमांक था।

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उम्र के पच्चीस साल में आदित्य बिरलाने 70 कम्पनी का निर्माण किया।  विदेश में भव्य कामगिरी करके दिखाया 1994 तक बिरला विश्व में व्हिस्कोज उत्पादक और पाम तेल में प्रथम स्थान पर थे , इन्सुलेटर में तीसरे स्थान पर और कॉर्बन ब्लैक  में छटवे स्थान पर थे।

1970 से 1980 तक बिरला ने दक्षिण पूर्व आशिया में 10 कम्पनी का निर्माण किया था और उस कम्पनी की क़ीमत 10 कोटि डॉलर थी।

1990 में थायलंड,मलेशिया , इंडोनेशिया और फिलिपाइन्स में 12 कम्पनिया थी और 1200 कोटि का साम्राज्य था। 1995 में 14 देशों में 17 कम्पनी स्थापन किया और उनकी बिक्री क़ीमत 52,000 /- कोटि  थी।

आदित्य बिरला भारत में आए और शादी के पहले हिंडाल्कोट में शामिल किया जाए यैसी उनके दादाजी जीडी की इच्छा थी। ( हिंडाल्को यह बिरला समूह की बहुत बड़ी कंपनी है इस कंपनी में अल्युमिनियम तयार किया जाता है)  वर्ग मित्र नौकरी के लिए अर्ज कर रहे थे इस कारन उनके पिताजी उनके लिए एक नहीं तो दो प्रकल्प की योजना बना रहे थे।

आदित्य विक्रम बिरला पुरस्कार से सम्मानित
  •  1978 में युवा व्यक्ति अवॉर्ड से नवाजा गया।
  • 1984 में नागरिक पुरस्कार से सन्मानित।
  • 1985 में अमरावती चेम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स की तरफ से ” मैन ऑफ़ दी ईयर ” पुरस्कार से सन्मानित।
  • 1986 में व्यापार और उद्योजकता के क्षेत्र में इटरनेशनल अवॉर्ड से सन्मानित।
  • 1990 में मद्रास मैनजमेंट असोशियन की तरफ से  बिजनस लीडरशिप अवॉर्ड और बिजनस इंडिया की तरफ से ” बिजनसमैन ऑफ़ द इयर  पुरस्कार से सन्मानित।
  • 1992 में  FIEE फाउंडेशन के तरफ से राष्ट्र भूषण पुरस्कार और  मुंबई मैनजमेंट की तरफ से ” मैनजमेंट मैन ऑफ़ द इयर  ”  ऐसे दो पुरस्कार से सन्मानित किया गया।
  •  1994 कलकत्ता की रोटरी क्लब के तरफ से प्लेटिनम जुबली रोटरी पुरस्कार से सन्मानित।
  •  1995 में रोटरी इंटरनेशल के तरफ से व्होकेशनल उत्कृष्टता पुरस्कार से सन्मानित।
  •  1996 में ऑल इंडिया असोशियन ऑफ़ इंड्रस्ट्रीज के तरफ से Life-Time Achievement पुरस्कार और भारतीय सीमेंट उद्योग के विकास के लिए उल्लेखनीय योगदान के लिए पुरस्कार से सन्मानित।
प्राणज्योत:

आदित्य विक्रम बिरला की प्राणज्योत कैंसर के कारण  01अक्टुंबर 1995 को उनके प्राणों की ज्योत हमेशा- हमेशा के लिए बंद हो गई। आदित्य बिरला के कारोबार की जबाबदारी उनके बेटे कुमार मंगलम पर है।

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