Harit Sanjivani : हरित संजीवनी rcm (harit sanjivani soil health special)

Harit Sanjivani : हरित संजीवनी (आर.सी.एम) (harit sanjivani soil health special), fruit special, garden gold, details, defend, registration.

Harit Sanjivani : हरित संजीवनी rcm (harit sanjivani soil health special)

भारतीय किसानों के लिए उपयोगी जानकारी sanjivani 

दोस्तों नमस्ते, हमारा भारत देश कृषि प्रधान देश है कृषि ही हमारा व्यवसाय और अर्थ व्यवस्था का केंद्र बिंदु है विश्व में कई चीजे बदलती रहती है लेकिन कृषि का महत्व कभी कम नहीं होता है। पुरातन काल में ही कृषि महत्वपूर्ण थी जितनी आज है और आने वाले भविष्य में ही उतनी ही महत्व पूर्ण रहेगी। आज तक आई हुई किसी भी मंदी का परिणाम कृषि व्यवसाय पर नहीं देखा गया, बल्कि भारत, इज्राइल, ऑस्ट्रेलिया जैसे देश जिनकी अर्थ व्यवस्था कृषि पर निर्भर थी उन्हें मंदी का फटका कम लगा है। इस बात से मना नहीं किया जा सकता की भारत के कृषि के स्थिति को बेहतर बनाना है और हमें हमारे देश को विकसित राष्ट्र के रूप में देखना है तो कृषि को उन्नत बनाना होगा

jay javan jay kisan

आज हमारा किसान गरीब है, कई सारे किसान हर साल ख़ुदकुशी कर रहे है किसानों का कहना है की खेती अभी जीविका चलाने लायक व्यवसाय नहीं रहा।  मगर गहराई से देखा जाए तो हमें हमारी परंपरागत चलती आ रही खेती की पद्धतियों में जल्दी से बदलाव करने की जरुरत है। इसके लिए हमें किसान की सोच को बदल ने की जरुरत है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में यदि हमें कृषि उत्पाद का आयात करना पड़ता है तो यह सोचने की बात है. Harit Sanjivani

यह भी पढ़े:RCM Sure Sugar : आर.सी.एम श्योर सुगर sanjivani

दुनिया में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, हिन्दुस्तान जैसे कई देश है जिनकी अर्थ व्यवस्था कृषि पर निर्भर करती है। फिर भी इन सब देशों को पीछे छोड़ के इज्राइल कृषि निर्यात में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इज्राइल ६० प्रतिशत रेगिस्तान में बसा देश है। यहाँ पर किसान थर्माकॉल के ट्रे में मिट्टी डालकर खेती करते है। वातावरण हमेशा ठंडा रहता है इतनीसारि कठिनाइयों  के बावजुद भी इज्राइल कृषि निर्यात में हमेशा प्रथम रहा है। Harit Sanjivani

हमें अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाना है तो कृषि के महत्व को समझना होगा और इस देश के जिम्मेदार नागरिकों को उन्नत कृषि को विकसित करने में अपना योगदान देना होगा इस क्षेत्र को अनदेखा कर हम कितनी भी बड़ी बातें कर लें हम अपना विकास नहीं कर सकते है। Harit Sanjivani

इसी बात को मद्देनजर रखते हुए इज्राएल की कृषि प्रणाली का अध्यन किया गया तो “उम्रनुसार कृषि ” की आधुनिक प्रक्रिया से साक्षात्कार हुआ। इज्राएल के कई फार्मूलों का भारत में ज्यों इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसलिय अनेक प्रयोगों के बाद यह प्रक्रिया विकसित की गई है।

विभिन्न प्रकार की फसलों पर प्रयोग करने के बाद आपके सामने इस उपचार प्रक्रिया को आर.सी.एम हरित संजीवनी और आर.सी.एम श्योर सुगर के रूप में पेश किया गया। मानवी जीवनक्रम में जिस तरीके से जन्म से लेकर जवानी तक उम्र की विविध अवस्थाओं में विविध आहार का उपयोग कर संतुलित शारीरिक विकास प्राप्त किया जाता है। ठीक उसी तरह पौधे का संतुलित तथा सक्षम विकास प्राप्त करने की यह शास्त्रीय तथा १४० प्रतिशत सेंद्रिय तकनीक है।

यह भी पढ़े:More tea drinking disadvantages

भारत में कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएँ है। भारत देश में ४ करोड़ एकड़ जमीन सिंचाई क्षेत्र के रूप में उपलब्ध है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तथा कच्छ से लेकर काजीरंगा तक यहाँ ३ मौसमों में २५० से ज्यादा तरिके के उत्पाद लिये जाते है। कई रंगों में उपलब्ध यहाँ की जमीने है। देश में उपलब्ध कई नदियाँ पानी की आपूर्ति करती है। Harit Sanjivani

मगर यहाँ का किसान अभी भी पुरखों से चलती हुई खेती की पद्धतियों को बरकरार रखता नजर आता है। इस से जमीनों की उपजन क्षमता दिन पे दिन घटती जा रही है। और उत्पादन तथा उत्पादन की गुणवत्ता काफी बड़े पैमाने पर कम होती जा रही है। Harit Sanjivani

यहाँ पर उपलब्ध भूमि और मानव संसाधन की प्रचुरता के साथ ही हम वैज्ञानिक प्रणाली से खेती करे तो कृषि उत्पादन को बहुत अधिक मात्रा में बढ़ाया भी जा सकता है और कृषि को अधिका अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय बनाया जा सकता है।

इसके लिये हमें समझना है यहाँ की मौजूदा स्थिति  को, किसान की निवेश करने की क्षमता को उसी के अनुसार कोई स्थायी और दीर्घकालीन उपाय पर कार्य किया जाये तो इस क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति लाई जा सकती है। ऐसे उपाय जो तात्कालिक लाभ देने वाले हों लेकिन भविष्य में उनका दुष्प्रभाव पड़ता हो, जिनके परिणाम बहुत लम्बे समय बाद आते हों, या जो स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालते हों वे कभी हमें सफलता नहीं दिला सकते है। Harit Sanjivani

आर.सी.एम ने सभी किसानों की समस्या , आत्महत्या , कर्ज इन सभी  पर ध्यान देते हुये ऐसा रामबाण उपाय खोज निकाला है जो हर दृष्टिकोण से उपयुक्त है और तत्काल अच्छे परिणाम देने वाला है।

यह भी पढ़े:

हरित संजीवनी कृषि के लिए रामबाण उपाय है जो हर दृष्टी से बेहतरीन है

rcm harit sanjivani

  • भूमि के लिये

हरित संजीवनी केवल पैदावार ही नहीं बढ़ाती है बल्कि भूमि की कठोरता को समाप्त कर उसे भुरभुरी बनाती  है। इसके माध्यम से हम जमीन में कुछ ऐसे अलगी छोड़ते है जो जमीन में जाकर जैविक प्रक्रिया को बढ़ाते है। जमीन में  सेंद्रिय विघटन का काम फिर से सुरु होता है। इसके उपयोग से भूमि को सदा के लिये उपजाऊ बनाकर रखने में मदद मिलती है। भूमि में जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ती है। जमीन की पानी तथा नाइट्रोजन को पकड़े रखने की क्षमता बढ़ जाती है। इससे पौधों को काफी देर तक पोषण मिलता है। प्रतिकूल परिस्थिति में भी पेड़ के जीवित रहने की क्षमता बनी रहती है।

  • सम्पूर्ण उपचार

यह एक ऐसा उपचार है जो पौधों की जड़ों से लेकर, पत्तों, फूलों और पैदावार तक हर भाग को संतुलित और सशक्त विकास में कार्य करता है। पैधों के संतुलित विकास की वजह से पैदावार में तथा पैदावार की गुणवत्ता में स्पष्ट फरक दिखाई देता है। पैदावार को बाजार में मिलने वाला भाव भी बढ़ जाता है। Harit Sanjivani

  • तुरंत असर

पहली खुराक का असर २५ से ३० दिन में, दूसरी से चौथी खुराक का असर ०३ से १० दिन में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।  असर सिर्फ पत्तों पर नहीं पुरे पौधे पर मालूम पड़ता है। किसान को अपनी जमीन तथा फसल में आया हुआ बदलाव ध्यान में आता है बिना उपचार वाली फसल से यह स्पष्ट रूप से अलग दिखाई देती है और सम्पूर्ण उपचार का असर पैदावार में बढ़ोतरी के रूप में पहली फसल के साथ ही दिखाई देता है। इससे किसानों का समझना बहुत आसान हो जाता है। Harit Sanjivani

  • किफायती

एक एकड़ भूमि की फसल के लिये इतना कम निवेश है जिसे किसान आसानी से कर सकता है इतना ही नहीं इस उपचार की मदद से खाद की मात्रा को कम करके उतनी ही राशि बचाई भी जा सकती है पैधो की संतुलित विकास से कीटनाशक और दवाईयाँ  कम लगती है। इसमें भी काफी बचत होती है। अतिरिक्त पोषण तत्व नहीं देने पड़ते। इसके बदले में फसल में जो वृद्धि होती है वह निवेश के मुकाबले कई गुना हो जाती है और किसान बहुत अच्छे लाभ में रहता है इससे लगातार उपयोग के लिए कहना नहीं पड़ता है बल्कि वह खुद ही इसकी मांग करता है।

  • स्वास्थ्य के लिये लाभप्रद

पूर्णतया प्राकृतिक तत्वों से बना होने के कारण इसके लाभ ही लाभ है। भूमि,फसल, वातावरण, जलस्त्रोत,जिव जंतुओं आदि पर किसी प्रकार का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। पूर्णतया ऑर्ग्रेनीक उपचार है अतः स्वास्थ्य पर किसी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं डालता है। किसान अपने रासायनिक खादों तथा कीटनाशकों का उपयोग इसके साथ करके पैदावार में सेंद्रिय के परिणाम ले सकता है। Harit Sanjivani

  • व्यावहारिक समाधान

आज हमारे देश की सबसे बड़ी आवशयकता है उन्नत कृषि का विकास।  आर सी एम हरित संजीवनी इस तरह तैयार कई गई है इससे पुरे देश में क्रांति लाई जा सकती है। इसे सूक्ष्म रूप में तयार किया गया है जिससे इसमें बहुत कम वजन है और आसानी से देश के कौने- कौने में पहुँचाया जा सकता है। उपचार विधि इतनी आसान है की कोई भी इसे आसानी से कर सकता है।

हरित संजीवनी (आर सी एम)

आर.सी.एम हरित संजीवनी का एक पैकेट एक एकड़ ( ४०,००० sq.f  ) के हिसाब से तैयार किया गया है। इसका नेट वजन ६५० ग्राम होता है। एक मुख्य पैकेट में ४ बार के उपचार के लिए ४ अलग-अलग पैकेट है। हर पैकेट पर क्रम संख्या और उपचार विधि लिखी है। प्रथम,व्दितीय,तृतीय,चतुर्थ उपचार के लिए क्रमशः १५०, १००, १५०, २५०  ग्राम मात्रा है। यह मात्रा पैधों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुये निश्चित की गई है। पूरी मात्रा को एक एकड़ के लिए मानते हुये इसी अनुपात में काम लेना है उदाहरण के लिये आधा एकड़ जगह है तो इसकी आधी मात्रा में लेनी है। आधी मात्रा अगली फसल में काम आ जायेगी। यदि ढाई एकड़ जमीन है तो ढाई पैकेट काम में लेने है।

अब इसके उपयोग के बारे में विस्तार से जान लेते है। बेहतर परिणामों के लिए उपयोग विधि का पूर्णतया पालन करे।

हरित संजीवनी (आर सी एम) उपचार की विधि

प्रक्रिया 1 :- (१५० ग्राम) जड़ो की वृद्धि और भूमि की उपजत क्षमता की उपचार प्रक्रिया

आर.सी.एम हरित संजीवनी उपचार प्रक्रिया का प्रथम चरण है पेड़ों की जन्म अवस्था। पेङों का जीवन जड़ों से शुरू होता है। किसी भी बीज या कलम से सर्वप्रथम उगने वाली जड़ें सतह के निचे फैलकर पेड़ों के लिए आवश्यक आहार का अवशोषण करके पेड़ों की वृद्धि में मदत करती है Harit Sanjivani

भूमि को नरम बनाने के लिये सबसे बेहतर गोबर का खाद होता है जिसमें ह्यूमस होता है एक एकड़ भूमि के लिए लगभग ४ ट्रोली गोबर का खाद देना होता है। देश के सभी किसानों ने अगर गोबर देना चहा तो सिर्फ ३५ प्रतिशत जमीनों में पर्याप्त होगा इतना ही गोबर देश में है तो  बाकि किसान अपने जमीन को क्या देंगे ? Harit Sanjivani

आपको जानकर ख़ुशी होगी की  आर.सी.एम हरित संजीवनी की प्रथम मात्रा में १५० ग्राम खुराक में गोबर के ४ ट्रोली खाद के बराबर ह्यूमस होता है। इसे सेंद्रिय तकनीक से बनाया जाता है। इस वजसे इसमें हार्मफुल केमिकल्स नहीं होते और इसका कोई बुरा असर जमीन पर नहीं पड़ता, इसी के साथ हम जमीन में कुछ ऐसे फॉर्मूले डालते है की इतनी सी मात्रा इतने कारगर रूप में कार्य करती है। Harit Sanjivani

प्रक्रिया 1:-  (१५० ग्राम) का पैकेट इस्तेमाल से भूमि को क्या मिलता है?

  • रसायन के अघुलनशील घटकों को घोल दिया जाता है।
  • भूमि को भुरभुरी बनाकर जड़ों की वृद्धि में सहायता की जाती है
  • भूमि में नमी की जीवाणु का विकास प्रेरित होता है और भूमि की उपजन क्षमता बेहतर होती है
  • जैविक घटकों के घुलने की प्रक्रिया जोर पकड़ने से , भूमि उपजाऊ बनती है और जैविक कार्बन के अनुपात में सुधार आता है भूमि में नमक कम करता है और सामु बढ़ता है
  • अवांछित नमक की मात्रा को कम करता है और ph को बढाता है।

इस्तेमाल की विधि :- अवस्था 1 – (केवल एक एकड़ के लिये)

यूरिया या पाउडर रूप वाली अन्य कोई खाद में मिलाए और समान अनुपात में पूरी जगह पर फैला दे। या ३० -४० किलो सुखी मिट्टी में मिला दे और पूरी जगह पर फैला दे

या ड्रिप इरिगेशन के माध्यम से उपचार देने के लिये मुख्य टैंक में मिला दे और अच्छी तरह हिलाएँ

विशेष ध्यान देने योग्य बाते

  • उपचार के पश्चात जमीन को आवश्यक मात्रा में पानी दें।
  • इस अवस्था 1 उपचार को अवस्था २-३-४ में से किसी भी अवस्था के कम से कम तीन दिन पहले इस्तेमाल कर सकते है मगर अवस्था २-३-४ में से किसी भी अवस्था को बिना अवस्था १ के इस्तेमाल नहीं करना है।

प्रक्रिया २ :- (१०० ग्राम) पत्तियों और जोड़ों के विकास की उपचार प्रक्रिया

जड़े विकसित होने के बाद पौधे पर छोटी पत्तियों अंकुरित होती है। इसे पेड़ का बचपन कहते है, इस अवस्था में पौधे की जोड़ों तथा पत्तों का विकास अहम है। प्रक्रिया २ में मौजूद आरजीनीन जैसे एमिनो एसिड का फायदा उठाते हुये पेड़ की पत्तियों तथा जोड़ों का संतुलित विकास करते है। यह उपचार छिड़काव के माध्यम से दिया जाने के कारण पत्तियों को सोखता है। Harit Sanjivani

प्रक्रिया २ :-  (१०० ग्राम) के पैकेट के इस्तेमाल से फसल को क्या मिलता है?

  • पत्तियों का आकर बड़ा होकर प्रकाश संश्लेषण ज्यादा होने से पेड़ हरे भरे एवं ताजे बनते है। जोड़ों के सशक्त विकास की वजह से पेड़ का समग्र विकास होता है और रोगप्रतिरोधक शक्ति सुधरती है।
  • पेशीभिक्तिकाएँ मजबूत बनाने के कारन फसलों की असंतुलित मौसम में और पानी की कमी में जीवित रहने की क्षमता और सनशीलता बढाती है।
  • पेड़ मजबूत बनता है और फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है।

इस्तेमाल की विधि :- अवस्था 2

1 ग्राम प्रति 1 लीटर के अनुपात में उपयोग करनी चहिये

आवश्यकतानुसार पानी लेकर बताये गए अनुपात में पाउडर मिला दें शुरुआत में यह पानी पर तैरेगा एक समान मिश्रण पाने के लिए अच्छी तरह हिलाएँ

इस मिश्रण को पम्प में डाले और अच्छी तरह हिलाये। पुरे पौधों पर छिड़काव दे।

विशेष ध्यान देने योग्य बाते
  • उपचार से पहले पम्प को धोना चहिये बेहतर परिणाम के लिए पुरे पौधों पर पूरी तरह छिड़काव करे।
  • यदि इसे आप किसी कीटनाशक के साथ मिलकर दे रहे है तो ध्यान रखें वह कीटनाशक अल्कलाइन नहीं होना चहिए। इसको जाँचने के लिए एक लीटर पानी में 1 ग्राम हरित संजीवनी पाउडर और कीटनाशक मिलाकर देख ले। यदि पानी में पाउडर घुलता नहीं है तो वह कीटनाशक अल्कलाइन है।
  • बेहतरीन परिणामों के लिए सुबह ११ बजे से पहले या सायं ४ बजे बाद छिड़काव करे।
  • ४ घंटे तक बारिश नहीं आना चाहिये।
  • उपचार के  बाद आवश्यक मात्रा में पानी दे।
  • इस उपचार का प्रभाव आपको ३-४ दिन में ही फसल में स्पष्ट रूप से किखाई देने लग जायेगा।

प्रक्रिया 3 :- (150 ग्राम) फूलों के बहार की उपचार प्रक्रिया

आर.सी.एम  हरित संजीवनी उपचार पद्धति में पेड़ की इस जीवन अवस्था का असाधारण महत्व है इज्राइल में इस अवस्था को पेड़ की ‘ गर्भावस्था  ‘ कहा जाता है। जैसे गर्भावस्था में दौरान हारमोनों में बदलावों के कारण महिलाओं को कुछ खाने की लालसा होती है उसी तरह इस अवधि में पेड़ भी कुछ खाने की लालसा का अनुभव करते है। क्योंकि हम उनके पेट में होने वाले बच्चे की संतुलित विकास करना चाहते है वैसे ही पेड़ की इस अवस्था में होने वाली लालसाओं को पूरा करना जरुरी है।

प्रक्रिया 3 :- (150) इस्तेमाल से फसल को क्या मिलता है?
  • ज्यादा से ज्यादा मादा फूल उगते है तथा पेड़ की प्रतिकूल परिस्थितियों में फूलों को थामने की क्षमता बढ़ जाती है।
  • सल्फर युक्त एमिनो एसिड्स  कारण पेड़ों की कीटों और रोगों के प्रति प्रतिरोधकता बढाती है।

इस्तेमाल की विधि :- अवस्था 3

  • प्रक्रिया 2 के समान है इसकी मात्रा 150 ग्राम होने से एक खुराक के लिए 150 लीटर पानी लगेगा।
  • अवस्था 2 में दिए हुए विशेष घटकों का ध्यान रखना जरुरी है।  इस उपचार से फूलों की संख्या बढ़ने से किसान फसल की मात्रा ज्यादा ले सकता है।
  • इस उपचार का प्रभाव छिड़काव के १०-१५ दिनों में आपको फसल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लग जायेगा।

प्रक्रिया 4 :- फलों की संख्या तथा दर्जा बढ़ाने की उपचार प्रक्रिया

इस अवस्था में फूलों का फलों में परिवर्तन होता है। ऐसे समय पौधा अपनी वृद्धि रोककर फलों के आहार की आपूर्ति करता है। परिणामस्वरूप पौधे के पत्तों की गिरने से आहार उत्पादन की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। हमने देखा है की पत्ते पौधों पर खाना बनाने वाली फैक्ट्री बन। इसके कारण पेड़ की तथा अंतः फलों की वृद्धि रुक जाती है तथा पौधों की रोगप्रतिरोधक शक्ति में कमी हो जाने के कारन पौधा कमजोर होकर विभिन्न रोगों से संक्रमित हो जाता है। पौधों में जीवन रसों का आवागमन ठीक न होने के कारण फलों के आकर तथा गुणवत्ता में कमी आती है। जमीन के पास के फल बड़े तथा ऊपर के फल छोटे और अविकसित रहते है।

प्रक्रिया 4 :- (250 ग्राम) इस्तेमाल से फसल को क्या मिलता है?
  • पौधों में पत्तों की गिरावट को नियंत्रित किया जाता है और आहार उत्पादन की प्रक्रिया बेहतर बनती है।
  • ‘सिस्टीन ‘ ज्यादा फलों की पैदावार और फलों के आकार एवं गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करता है और फल जल्दी प्राकृतिक रूप से फलता है
  • इस प्रक्रिया के खास उपचार से पौधों की वृद्धि बरक़रार रखते हुए आवश्यक जैव – रसायनों एवं संजीवकों के संतुलन से पौधों की सेहत और उत्पादन क्षमता में सुधार आता है।
  • निचे से ऊपर तक फलों का आकार समान होने की वजह से काफी अच्छी बाजार कीमत मिलती है।

इस्तेमाल की विधि :- अवस्था 4

  • प्रक्रिया 2 के समान है इसकी मात्रा २५० ग्राम होने से एक खुराक के लिए 250 लीटर पानी लगेगा
  • अवस्था 2 में दिए गये विशेष घटकों का ध्यान रखना जरुरी है।
  • इस उपचार का प्रभाव छिड़काव के 10 – १५ दिनों में आपको फसल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लग जायेगा।
आर.सी.एम हरित संजीवनी के सम्बन्ध में ध्यान देने योग्य बातें

आर.सी.एम हरित संजीवनी कृषि पैदावार बढ़ाने के लिये पूर्णतया वैज्ञानिक आधार पर तयार की गई एक उपचार पद्धति है। इसके अधिकतम परिणाम लाने के लिए निम्न बातों पर ध्यान दे :-

  • यह उत्पाद खाद या कीटाणुनाशक का विकल्प नहीं है। बल्कि यह इन सभी को ज्यादा प्रभावशाली बनता है। यह जमीन को भुरभुरी बनाता है। जमीन में नमी और जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ती है। पौधा मजबूत बनता है। उसका संतुलित विकास होता है और उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इस उपचार को इस्तेमाल करते समय विभिन्न खादों और कीटनाशकों को आवश्यकतानुसार इस्तेमाल करना चहिये।
  • यह उपचार पौधे की उम्रनुसार अवस्थाओं में दिया जाता है। अधिकतम लाभ के लिये चरों उपचार समय पर देना श्रेष्ठ है। प्रथम उपचार बीज बो दिया है तो बोने के २५ दिन के अंदर-अंदर यह उपचार दिया जा सकता है चारो उपचार देने से ही पूर्ण लाभ मिलता है। हरित संजीवनी को एक एकड़ जमीन के लिये है। इसे इसी अनुपात में उपयोग में लें।
  • उपचार सामग्री की मात्रा को कम या ज्यादा न करे। ०१ ग्राम खुराक को ०१ लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करना होता है। इसी अनुपात में पानी लें। पानी की मात्रा को कम या ज्यादा न करें। यदि आपने उपचार सामग्री निर्धारित मात्रा से ज्यादा दे दी है तो हो सकता है पत्ते मुरझाने लग जायें ऐसे समय में कुछ नहीं करना है 1 -2 दिन इंतजार करे पत्ते अपने आप स्वस्थ्य हो जायेंगे।
यह भी पढ़े:Biography of Dr. Panjabrao Deshmukh
  • प्रथम उपचार देने के पश्चात् भूमि में पानी देना जरूरी है ताकि खुराक मिट्टी में जा सके। द्वितीय,तृतीय,चतृर्थ उपचार के समय भूमि में नमी होना आवश्यक है यदि भूमि में नमि नहीं है तो पानी अवश्य दें।
  • यदि द्वितीय,तृतीय या चतृर्थ उपचार के समय भूमि में पानी नहीं है तो हो सकता है पत्ते मुरझाने लग जाये क्योंकि ये उपचार पौधे की भूख बढ़ाता है। तो ऐसे समय में घबराना नहीं है बल्कि तत्काल पानी दे पुनः हरे भरे और तंदुरुस्त हो जायेंगे।
  • हर पेड़ में वृद्धि की अवस्था अलग-अलग समय पर आती है। इसकी सारणी इसमें दी हुई  है। उपचार को उसी समय पर इस्तेमाल करें ताकि बेहतरीन परिणाम आ सकें। उपचार का पत्तों पर कम से काम 2 घंटे तक ठहरना जरुरी है। इसिलिय धुप तथा बारिश का सही ध्यान रखते हुए  ही छिड़काव करें ताकि इसका सही मात्रा में शोषण कर सके।
  • उपचार पद्धति का अध्ययन करे अच्छी तरह कर लें और उसका पूर्णतया पालन करें।

दोस्तों इस लेख में दी गई जानकारी अच्छी लगे तो इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक शेयर करे।

यह भी जरूर पढ़े
 RCM Business की जानकारी अपने टीम में शेअर करे और आर्थिक आझादी का अभियान सफल करे
 Good Dot की जानकारीन्यूट्रीचार्ज गेनर की जानकारी 
RCM Business में डायमंड कैसे बने ? सब्जी मसाले
 RCM Business क्या है ? चक्की फ्रेश आटा
 JIYO TEA न्यूट्रीचार्ज स्ट्रॉबेरी प्रोडॉइड 
 लजीज सोनपापड़ी की मिठास न्यूट्रीचार्ज B J
RCM World’s No.1 Business  न्यूट्रीचार्ज DHA
 DET -MAXX SOAP न्यूट्रीचार्ज कीट्स (बच्चों के लिए )
RCM Business में सफल होने के सूत्र  न्यूट्रीचार्ज S & F
आर्थिक आझादी का अभियान न्यूट्रीचार्ज वुमन टेबलेट 
 केविंगो टूथपेस्ट श्योर सुगर
 सिनोल हेअर ऑइल  हरित संजीवनी की जानकारी
 फ़्लोरा ब्लोसम टेल्क T. C. Sir का सन्देश जरूर पढ़े
 फ़्रेशिअल वासRCM Business दुनिया महान अवसर 
 पेट्रोलियम जली T. C. Sir के अनमोल विचार
 फुट क्रीम न्यूट्रीचार्ज मेन टेबलेट
 पेन गो जोड़ों के दर्द से तुरंत छुटकारा Soya-pro Diet
 मल्टी पर्पज क्रीमबेहतरीन जिंदगी का नाम है- RCM
 MOURISHING MOISTURIZER HEALTH GUARD RICE BRANOil
 दिव्या फ्रेश आँवलाRCM marketing planplan

Leave a Reply

error: Content is protected !!