India president all name:भारत के सभी राष्ट्रपति का नाम

India president all name:भारत के सभी राष्ट्रपति का नाम, india president ageis india a presidential system, india president name.

India president all name:भारत के सभी राष्ट्रपति का नाम

राष्ट्रपति देश का संवैधानिक प्रमुख है। विराजमान राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद कलम 52 में देश को राष्ट्रपति होना चाहिए ऐसा प्रावधान है। India president all name

यह भी पढ़े:

राष्ट्रपति का इतिहास chief of state

              राष्ट्रपति               कार्यकाल
 1 मा.डॉ. राजेंद्र प्रसाद 26 जनवरी 1950 से 13 मई 1962
 2 मा.डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन 13 मई 1962 से 13 मई 1967
 

 

3

मा.जाकिर हुसैन ( मृत्यु ) मा.वराहगिरी वेंकटगिरी(कार्यवाहक)

मा.मुहम्मद हिदायतुल्ला

 13 मई 1967 से 03 मई 1969

03 मई1969 से 20 जुलाई 1969

20 जुलाई1969 से24अगस्त 1969

 4 मा.वराहगिरी वेंकट गिरी 24अगस्त1969से24अगस्त1974
 

5

 मा.फकरुद्दीन अली अहमद

मा. बी. डी. जत्ती ( कार्यवाहक )

24 अगस्त1974 से 11फरवरी1977

11 फरवरी 1977 से 25जुलाई 1977

 6 मा.निलाम संजीव रेड्डी 25 जुलाई 1977 से 25जुलाई1982
 7 मा. ज्ञानी झैल सिंह 25जुलाई 1982 से 25जुलाई 1987
 8 मा.रामास्वामी वेंकटरमण 25 जुलाई1987 से 25जुलाई1992
 9 मा.शंकरदयाल शर्मा 25 जुलाई1992 से 25जुलाई 1997
 10 मा. के.आर.नारायण25 जुलाई 1997से 25 जुलाई 2002
 11 मा.डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम 25 जुलाई2002 से 25जुलाई2007
 12 मान.सौ. प्रतिभा पाटिल 25जुलाई 2007से 25जुलाई 2012
 13 मा.प्रणव मुखर्जी 25 जुलाई 2012 से 24 जुलाई 2017
 14 मा. रामनाथ कोविंद 25 जुलाई 2017 से पद पर विराजमान

केंद्र के कार्यकारी अधिकार राष्ट्रपति के तर्फ रहते है। सभी प्रकार के कार्यकारी निर्णय राष्ट्रपति के नाम से चलते है।

पात्रता

  • भारत का नागरिक
  • उम्र के 35 साल पुरे होना चाहिए।
  • लोकसभा सदस्य होने मे पात्र।
  • राष्ट्रपति किसी भी सभागृह के सदस्य नहीं होंना चाहिए।

निर्वाचन क्षेत्र (मतदार संघ)

  • लोकसभा से निर्वाची हुए सदस्य ( 543 )
  • राज्यसभा से निर्वाची हुए सदस्य ( 333 )
  • राज्य के विधानसभा से निर्वाचित हुए सदस्य (4120 )

नामनिर्देशित सदस्य को राष्ट्रपति के चुनाव में अधिकार नहीं रहता। विधान परिषद सदस्य को भी यह अधिकार नहीं रहता है।उमेदवार को 15000 /- अनामत रक्कम देना पढ़ता है। India president all name

निर्वाचन पद्धति

Proportional Representation by single transferable vote  इस तरह से चुनाव होते है। राष्ट्रपति पद के लिए निर्धारित कोटा रहता है उस कोटे के बराबर वोट मिलना चाहिए

संपूर्ण Valid वोट + 12

प्रथम फेरी के वोट के गिनती में कोटे के बराबर वोट नहीं मिले तो सबसे काम वोट मिले उमीदवार को बाद किया जाता है और उनकी दूसरे क्रमांक के प्राधान्य के वोट गिनती कर के सभी उम्मीदोर को बाटे जाते है। और मिले हुए वोट की पुनः गिनती की जाती है। यह प्रक्रिया लास्ट के दो उम्मीदवार तक चलती है। India president all name

उम्मीदवार को कोटे के बराबर वोट नहीं मिलने पर जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलते है उसे विजयी घोषित करते है।

राष्ट्रपति के चुनाव की पूरी जबाबदारी केंद्रीय निर्वाचन आयोग के अधिपत्य और नियंत्रण के देखरेख में की जाती है।

कार्यकाल
  • राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 साल का होता है।  यह कार्यकाल शपथ लेने के दिन से चालू होता है।

कुछ कारण वस् कार्यकाल कम ज्यादा होता है

  • राजीनामा, मृत्यु इस कारण 5 साल के पहले राष्ट्रपति का पद खाली हो सकता है।
  • महाभियोग की प्रक्रिया चलाकर राष्ट्रपति को 5 साल के पहले निकाला जा सकता है।

राजीनामा

राष्ट्रपति अपना राजीनामा उपराष्ट्रपति को देता है और तत्काल में अमल में आता है।

हंगामी राष्ट्रपति

किसी भी कारणवस राष्ट्रपति का पद खाली हुवा तो उसका कार्यभार :- उपराष्ट्रपति , सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ( उपराष्ट्रपति नहीं है तो ), सर्वोच्च न्यायालय के ज्येष्ठ न्यायाधीश

शपथ

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश राष्ट्रपति को शपथ देता है। शपथ का नमुना कलम 60 में है। शपथ का महत्व का भाग इस तरह है,

” I will, to the best of my ability, preserve, protect and defent the constitution and the law”

राष्ट्रपति वेतन

    • राष्ट्रपति का वेतन  1,50,000 /- रहता है।
    • शासकीय निवास
    • निवृत्ति वेतन प्रति साल 9 लाख रु.
    • संसद ने पारित किए गए कायदे के नुसार राष्ट्रपति को वेतन और छूट दी जाती है।
    • निवृत्ति के बाद राष्ट्रपति को निवास और कुछ सुविधा दी जाती है।
  • राष्ट्रपति पद का पूरा खर्च ( कार्याल खर्च ) यह charged Expenditure है।
महाभियोग ( Impeachment ) कलम 61

राष्ट्रपति पद पर बैठा व्यक्ति संविधान का भंग करता है तो उसे पद से खाली करते है इस प्रक्रिया को महाभियोग कहते है। महाभियोग प्रक्रिया के पॉइंट–

  • आरोपपत्र पर कम से कम 25 टक्के सदस्य की साइन , 14 दिन का नोटिस देकर संसद के किसी एक सभागृह में देना पड़ता है। सभागृह के पूर्ण सदस्य संख्या के 2 / 3 बहुमत से ठराव मंजूर होकर दूसरे सभागृह के तरफ ठराव दिया जाता है।
  • दूसरा सभागृह ठराव के नुसार आरोपी के लिए निगरानी समिति बनाता है। राष्ट्रपति को खुद नहीं तो अपने प्रतिनिधि के माध्यम से अपनी बाजु रखने का पूरा अधिकार है।
  • निगरानी समिति के माध्यम से आरोप साबित हुवा तो दूसरे सभागृह के एकूण सदस्य संख्या के 2 /3 बहुमत से ठराव मंजूर हुवा तो महाभियोग  पारित होता है और उसी समय राष्ट्रपति पद पर विराजमान व्यक्ति को खाली किया जाता है।

चुनाव पद्धत

  • कलम 62 के तरतूद नुसार राष्ट्रपति का पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के पहले पूरी चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होना जरुरी है और यह जबाबदारी निर्वाचन आयोग की है। राजिनाम, मृत्यु, महाभियोग इ.कारणवस राष्ट्रपति का पद खाली हुवा तो 6 महा के अंदर चुनाव प्रक्रिया पूरी होना चाहिए।
राष्ट्रपति अधिकार

प्रशासकीय अधिकार (Administrative Powedr)

  • नियुक्ति करने- प्रधानमंत्री,मंत्री,अटर्नी,उच्च न्यायालय,सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति,सी ए जी, राज्यपाल, अंबेसडर्स,चुनाव आयुक्त,घटनात्म आयोग के अध्यक्ष इ.

मिलिटरी अधिकार (Military Power)

  • भारतीय सैन्य दल के सुप्रीम कमांडर, युद्ध-शांति जाहिर करना।

डिप्लोमॅटीक अधिकार ( Diplomatic Power )

  • अन्य देश्शों के साथ करार- विदेश निति

विधि अधिकार ( Legislative Power )

  • विधिमण्डल के अधिवेशन बुलाना
  • विधिमण्डल के अधिवेशन समाप्त करना
  • लोकसभा विसर्जित करना
  • संसद के दोनो सभागृह के सयुंक्त अधिवेशन बुलाना
  • चुनाव के बाद प्रथम अधिवेशन में और हर साल साल के प्रथम अधिवेशन में भाषण करना
  • विधिमण्डल सभागृह को Message करना
  • विधिमण्डल के नामनिर्देशित सदस्य की नियुक्ति करना
  •  अलग अलग समिति के अहवाल सभागृह में भेजना
  • नया राज्य निर्माण करने के लिए आये हुए विधेयक को सबसे पहले सहमती देना
  • मनी विधेयक को सभागृह में पूर्व सन्मति देना
  • सभागृह ने मंजूर किये विधेयक को मंजूरी देने
  • राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र के राज्यविधिमण्डल के विधेयक को मंजूरी करना या नहीं करना
  • अध्यादेश निकालना
वित्तीय अधिकार
  • आकस्मिक निधिका व्यवस्थापन और नियंत्रण करना
  • मनी विधेयक को परमिसन देना

शिक्षा माफ़ या कम करने का अधिकार

  • न्यायालयने और मिलिटरी कोर्ट ने सुनाई हुई शिक्षा को पूर्ण तरह माफ़ करना, सैम्य, स्थगित करने का  अधिकार

आनिबानी का अधिकार

  • संविधान के कलम 352 और 360 नुसार पुरे या कुछ क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय आनिबानी और आर्थिक आनिबानी लागु करने का अधिकार

राष्ट्रपति राजवट

  • कलम ( 356 ) राज्य का कारभार संविधान के नुसार नहीं चल रहा है या चलाया नहीं जाता वहा पर राष्ट्रपति राजवट लागू करने का अधिकार
राष्ट्रपति के अधिकार और संविधानिक कार्यपद्धति ( कलम 74 )

राष्ट्रपति अपने अधिकार और कार्य का उपयोग मंत्रिमंडल की मदद और परामर्श के नुसार  चलाया जाता है।

सन 1978 में 44 वी घटना दुरुस्ती के नुसार कलम 74 में कुछ बदल किया गया है और उसके नुसार राष्ट्रपति मंत्रिमंडल के परामर्श को सिर्फ एकहि बार फेरविचारार्थ वापस भेज सकता है और मंत्रिमंडल ने दिया हुवा परामर्श राष्ट्रपति पर बंधनकारक रहता है।

मंत्रिमण्डल से प्राप्त हुए प्रस्ताव या विधेयक पर कितने दिन में राष्ट्रपति ने सही करना चाहिए इस पर कोई बधंन नहीं है। ज्ञानी झैलसिंग ईन्होने पोस्टल विधेयक 18 महा तक अपूर्ण था और उस विधेयक को पीछे लिया गया राष्ट्रपति के इस अधिकार को ” पॉकेट व्हेटो ” कहते है। संविधान में ” पॉकेट व्हेटो ”का कहि पे भी उल्लेख नहीं है।

प्रधानमंत्री पद पर योग्य व्यक्ति को विराजमान करते समय मंत्रिपरिषद का परामर्श जरुरी नहीं रहता उस समय राष्ट्रपति अपने स्वविवेकाधिकार का उपयोग करता है।

यह भी जरुर पढ़े: 
केंद्र सरकार पुलिस विभाग की जानकारी

महाराष्ट्र पुलिस विभाग की जानकारी

जून, माह की दिनविशेष जानकारी

अप्रेल, माह की दिनविशेष जानकारी

 मई, माह की दिनविशेष जानकारी

गोपाल गणेश आगरकर की जीवनी

एथलेनटिक्स खिलाडियों की जानकारी

पीटी.उषा की जानकारी

खेल कूद की जानकारी

खासबा जाधव की जीवनी

 भारत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी की जीवनी

निशानेबाज राज्यवर्धन सिंग राठोर जिवनी

 वीरेंद्र सिंग जीवनी

 मुष्टियोधा एम.सी मेरिकोम जीवनदर्शन 

भारतीय नेमबाज गगन सारंग जीवनदर्शन 

 नेमाज खिलाडी अभिनव बिंद्रा जीवनी

भारतीय बैडमिन्टन पटु सायना नेहवाल 

टेनिस खिलाडी लिएंडर पेस जीवनी

क्रिकेटर मिताली राज का जीवनदर्शन 

 झूलन गोस्वामी की जीवनी

 

Leave a Reply

error: Content is protected !!