rajendra kumar pachauri : डॉ. राजेंद्र कुमार पचौरी (biography)

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rajendra kumar pachauri : डॉ. राजेंद्र कुमार पचौरी (biography)

 

rajendra kumar pachauri : डॉ. राजेंद्र कुमार पचौरी (biography):

डॉ . राजेंद्रकुमार  पचौरी  इनका  जन्म सन  २० अगस्त १९४० में  उत्तराखंड  के  निसर्ग सौंदर्य , पवित्र भुमि  ओर लोगप्रिय  पर्यटनस्थल ”नैनीताल  ” में  हुआ था । निसर्गरम्य वातावरण , हसीन वादियो  में उनका बालपन जाने लगा। राजेन्द्रकुमार जी की प्राथमिक पढ़ाई ‘ नैनीताल ‘ में हुई।  छोटे थे  तभी उन्हें निसर्गरम्य  सौन्दर्य  देख  के  उन्हें  अचंभा लगता था।  छोटेपण से ही हुशार  थे , निसर्ग  का रहस्य क्या है ?  यह उनके समज मे नही आता था , और  वे सोच में पड़ जाते थे, निसर्ग की कला उनके बालपन में समज में नही आती थी।  स्कूल में जाते ,तब टीचर को प्रश्न कर के अचंभित  करते थे। उनकी  बुद्धिमत्ता  देख  के  आगे  पढ़ाई  करके  बहोत  बढ़ा  आदमी  बनेगा। ” बाळाचे पाय पाळण्याच दिसतात ” ( balache pay pdnyat distat )   इस पंक्ती की तरह वे बालपन में नजर आते थे।

डॉ.राजेन्द्रकुमार पचौरी प्रायमरी पढ़ाई के बाद में आगे की पढ़ाई लखनऊ  की  सुप्रसिद्ध कॉलेज ‘ लॉ मार्टिनियर ‘ में हुई। सन १९७२ में रालेघ ,”नार्थ कैरोलिना युनिव्हर्सिटी”,अमेरिका में ‘ इंड्रस्ट्रियल इंजिनिअरींग ‘ में ” एम.एस ” की डिग्री प्राप्त की। इंड्रस्ट्रियल इंजिनिअरींग अर्थशास्त्र विषय में ” पीएच.  डी ” की डिग्री प्राप्त किए।  इस तरह से उनकी पढ़ाई पूरी हुई, मेरे पढ़ाई का अनुभव मेरे देश के काम अना चाहिए,इस तरह से अपने जीवन कार्य की सुरवात की। राष्ट्र कार्य में मग्न होकर ,पुरे विश्व का ध्यान अपने तरफ आकर्षित किया।

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डॉ.राजेन्द्रकुमार पचौरी ” नार्थ कैरोलिना यूनिव्हर्सिटी ” में अगस्त १९७४ से मे १९७५ तक ‘साहाय्यक प्राध्यापक’ के पद पर थे।  इ.सन १९७६-७७ में ” डिपार्टमेंट ऑफ़ इकॉनोमिक अण्ड बिजनेस ”में व्हिजिटिग फैकल्टी मेंबर बनकर कार्यभार देखे। जब भारत आए तब उनके पास ज्ञान था,  इसलिए उन्हें ” ”अड्मिनिस्ट्रेटीवह स्टाफ कॉलेज ” ( हैदराबाद ) में सन १९७५ ते १९७९ तक , ‘ सीनियर फैकल्टी मेंबर ‘ के  पद पर नियुक्त  थे। इस कॉलेज में देश के वरिष्ठ अधिकारी  वर्ग को प्रशिक्षण दिया जाता था।

जुलाई १९७९ से  मार्च १९८१ में ” कन्सलटिंग अण्ड अप्लाइड रिसर्च डिव्हिजन ” में डारेक्टर के पद पर थे। अप्रैल १९८१ में राजेन्द्रकुमार पचौरी ” टाटा एनर्जी रिसर्च इंस्टीट्यूट ” में डायरेक्टर के पद पर काम किए।  यह संस्था ऊर्जा ,पर्यावरण ,जंगल , बयोटेनिक , नैसर्गिक सम्पत्तिका जतन इस क्षेत्र में काम करती है , इस संस्था में २००१ में डॉक्टर राजेन्द्रकुमार पचौरी को डायरेक्टर जनरल के पद पर नियुक्त हुए, डॉ.राजेन्द्रकुमार पचौरी जी को २००१ में  ” पद्मविभूषण ” किताब देके सन्मानित किया गया।उन्होंने व्हरजेनिया यूनिव्हर्सिटी मिनरल अण्ड एनर्जी रिसोर्सेज कॉलेज में इकोनॉमिक्स निभाग के व्हिजिटिंग प्राध्यपक, रिसर्स सिस्टम इन्स्टिट्यूट ,ईस्ट वेस्ट सेंटर अमेरिका में सिनिअर व्हिजिटिंग फेलो और विश्व बैंक वाशिंग्टन डी. सी में व्हिजिटिंग रिसर्च फेलो इ-कार्यभार उन्होंने संभाले।

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युनायटेड नेशन्स डेव्हलपमेंट इस संस्था में पचौरी जी (कार्यकाल १९९४-१९९९ )  इनको ऊर्जा, प्राकृतिक संसाधन संवर्धनऔर संरक्षण क्षेत्र में अड्व्हायजर के पद पर नियुक्त थे। २००० में पचौरीजी ” येल ” युनिव्हर्सिटी अमेरिका के ”स्कुल ऑफ़ इनव्हायरमेंट अण्ड फॉरेस्ट स्टडीज ” के फेलो थे।१९९२ में ”यशियन एनर्जी इंस्टिट्यूट” के प्रसिडेंट थे। भारत सरकार के कमेटी में पचौरी जी सामिल थे।  ऊर्जा मंत्रालयने दक्षता पैनल के मेंबर , दिल्ली व्हिजन – कोर प्लानींग ग्रुप , भारत सरकार का एडवायझरी बोर्ड ऑन एनर्जी, नॅशनल एनवायरमेंटल कौंसिल, ऑइल इंडस्ट्री रिस्ट्रक्चरींग इ. ग्रुप के मेंबर थे।

”ट्रायरिम साइंटिफिक अण्ड इंडस्ट्रियल रिसर्च फाउंडेशन बोर्ड ऑफ गव्हर्नर्स” में पचौरी जी को सामिल किया गया। १९८५ में इंडिय इंटरनेशनल सेंटर के एक्झिक्युटिव्ह कमेटि के मेंबर , १०८७ में इंडिया हैबिटेट सेंटर गव्हर्नर कौंसिल के मेंबर और एडमिसिस्ट्रेटिव्ह ऑफ गव्हर्नर्स के सदस्य थे। इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर थे। १९९९ में पचौरी जी दार्जीलिंग हिमालयन रेल्वे हेरिटेज फाउंडेशन के अध्यक्ष के पद पर नियुक्त हुए। २००१ में प्रधानमंत्री इकॉनॉमिक एडव्हयजरि कौंसिल के सदस्य पर नियुक्ति।

डॉ.राजेन्द्रकुमार पचौरी जी को ” सन  २००१ ”में ”पद्म भूषण अवॉर्ड” देकर संमानित किया गया। डॉ.राजेन्द्रकुमार पचौरी ” इंटरगव्हरमेट पॅनेल ऑन क्लायमेट चेंज ” इस संस्था के अध्यक्ष है। संयुक्त राष्ट्र के अंतर सरकारी पैनल ने जलवायु परिवर्तन पर 2007 में नोबेल शांति पुरस्कार.

महान पर्यावरणवादी विचारवंत का मृत्यु 13 फरवरी 2020 को हुआ है.

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