मुष्ठियोद्धा एम.सी.मेरी कोम का जीवन दर्शन | Life philosophy of M.C Mery Kom

Life philosophy of M.C. Mery Kom

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परिचय | Introduction

नाम :- मांगटे चुंगनिजंग मेरी कोम   

जन्म दिनांक :- 01 मार्च 1983 

जन्म स्थल :- कांगाथी  (मणिपुर राज्य )

पिताजी का नाम :-  मांगटे टोणपा  कोम 

माताजी का नाम :- अखाम 

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मेरी कोम का पारिवारिक जीवन | Family life of Mary Kom 

भारत के उत्तर-पूर्व में मणिपुर राज्य है वहा पर खेती का व्यवसाय होता है। वहा पर कोम नाम का  आदिवाशी समुदाय रहता है। यह समुदाय शैक्षणिक और आर्थिक क्षेत्र में बहुत ही पीछे है। इसी जमात से मेरी कोम के पिताजी जिसका नाम है, मांगटे टोणपा कोम यह चुराचंदनपुर जिल्हे के मोइरंग गांव में रहते थे। मेरी कोम के पिताजी कम पढ़े लिखे थे। घर की परिस्थिति गरीबी की थी। मेरी कोम के माता-पिता किसानी के काम करते थे और अपने परिवार का पालन पोषण करते थे। 

मांगटे टोणपा और अखाम इस परिवार में एक हिरे का जन्म हुवा जिसका नाम है, ”मेरी ”। मेरी का पूरा नाम ‘ मांगटे चुंगनिजंग मेरी कोम’ है। उसे एम.सी.मेरी कोम या मेरी काम करके भी बुलाते है।

शिक्षण  | Education

मेरी कोम को उम्र के 6 वे साल में लोकतक ख्रिश्चन माध्यमिक स्कूल में नाम दाखल किया गया। उनके घर में पढ़ाई के बारे में बतानेवाले कोई नहीं था। मेरी कोम पढ़ाई में ज्यादा हुशार नहीं थी। इस स्कुल से प्राथमिक की पढ़ाई पूरी की और आठवीं कक्षा की परीक्षा पास हुई। मेरी कोम खेल में बहुत ही हुशार थी। इस कारन उसे इम्फाल ( मणिपुर की राजधानी ) यहाँ के आदिम जाती माध्यमिक स्कुल में दाखल किये गए।पढ़ाई के साथ -साथ खेल के तरफ मेरी का ध्यान था। पढ़ाई के तरफ कम ध्यान था इस कारन मेरी कोम 10 वी कक्षा में फेल हो गई। मेरी ने इम्फाल के एन.आय.ओ.एस स्कूल से 10 वी की परीक्षा पास हुई और इसी महाविद्यालय से बी.ए की पदवी प्राप्त की।

विवाह और वैवाहिक जीवन | Marriage and marital life

World renown A female boxer के नाम से मेरी कोम ने अपनी पहचान बनाई। मेरि कोम का विवाह के. वोन्लेर कोम इस लड़के के साथ हुवा। मेरी कोम अपना समय अपने परिवार को नहीं दे सकती थी। यह सारि बाते उसके परिवारवाले और उसका पति समझता था उसका पति उसे खेलने के लिए प्रोत्साहित करता था। पति के प्रोत्साहन से मेरी कोम बहुत जिद्दी से खेलती थी और प्रतियोगिता में विजय प्राप्त करती थी। 

मेरी कोम के सुखी और आनदंमई परिवार में रत्नो ने जन्म लिया उन्हों दो जुड़वाँ लड़के हुए। उसके एक लड़के का नाम – रेचुग्वर और दूसरे लड़के का नाम :- खुपनिवर है। मेरी कोम के एक लडके का ऑपरेशन हुवा था तभी मेरी कोम दिन में अभ्यास करके रात में 70 किलोमीटर पटियाला से चंडीगढ़ में अपने बेटे को देखने के लिए आती थी। इस परिस्थि में भी मेरी कोम ने अपना अभ्यास नहीं छोड़ा था। ठीक इसी तरह हम अपने लक्ष्य को आगे रख के अभ्यास करना चाहिए और अपना लक्ष्य हासिल करना चाहिए।

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मुष्ठियोद्धा कैसे बनी | How to make boxing

मेरी कोम को छोटेपन से ही दौड़, लांब उडी, उच्च उडी, व्यायाम के खेल में बहुत ही रूचि थी। मेरी कोम सभी खेलो में भाग लेकर प्राइज लेती थी। मेरी कोम की यह खिलाडी वृति देख के डिंगको सिंग इस टीचर ने मेरी को मुष्ठियोद्धा इस क्रीड़ा क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने को गाडेंस किया।

मेरी कोम ने डिंगको सिंग इनके मार्गदर्शन में मुष्ठियोद्धा का प्रशिक्षण चालू किया और इस क्रीड़ा क्षेत्र में रूचि निर्माण होने लगी। मेरी कोम का अभ्यास देख के डिंगको सिंग को बहुत ख़ुशी हुई।

मुष्ठियोद्धा यह क्रीड़ा खेल महिलाओं के लिए नहीं है यह बात मेरी के मन में हमेशा खटकती थी। मेरी का अभ्यास मुष्ठियोद्धा के लिए चालू था लेकिन घर के लोग और रिश्तेदार मना मना करेंगे इसलिए मेरी ने किसी को कुछ नहीं बताया और अपना अभ्यास चालू रखा मेरी कोम नव्वी कक्षा में थी तभी उसने मुष्ठियोद्धा में भाग लिया।

मणिपुर State level पर Lady boxer की प्रतियोगिता 2000 में हुई थी उस प्रतियोगिता में मेरी कोम ने भाग लिया था। उस प्रतियोगिता में अजिंक्य पद प्राप्त किया था। इस प्रतियोगिता में जित कर उसने Gold Medle हासिल किया और अपने Boxer player का श्रीगणेश किया। दूसरे दिन पेपर में मेरी कोम का फोटो और Gold Medal की जानकारी उनके पिताजी ने पढ़े और बहुत खुश हुए। मेरी कोम भी बहुत खुश हुई।

मेरी कोम ने उम्र के 17 वे साल में मुष्ठियोद्धा खेल में पदार्पण किया और एक साल में याने की उम्र के 18 वे साल में  International competition का अभ्यास चालू किया।



राष्ट्रिय मुष्टियुद्ध स्पर्धा की कामगिरी | National boxing championships

उम्र के 18 वे साल में मेरी कोम बहुत ही नाजुक जैसी दिखती थी। मेरी कॉम का वजन 45 किलो उचाई  5 फुट 2 इंच मेरी कोम उम्र के 18 वे साल में बहुत ही सधी लड़की दिखती थी। उसे देख कर कोई नहीं बोलसकता की यह world level की boxer player है। मेरी कोम को बराबर हिंदी और इंग्लिश भी नहीं बोलते आती है। 

पदक की जानकारी | Medal info

06 ते 12 फरवरी 2001 को चेन्नई में खेले गए First national women’s boxing championship में Gold Medal 


 11 से 14 दिसंबर 2001 को पश्चिम बंगाल में खेले गए Open boxing championship में Gold Medal

26 से 30 दिसंबर 2001 को नई दिल्ली में खेले गए Second Senior World Women’s Boxing Championship Competition में Gold Medal 


26 से 30 दिसंबर 2001 नई दिल्ली में खेले गए  National Women’s Sports Competition से Gold  Medal


2002  में हैदराबाद में खेले गए 32 वे National sports event में Gold Medal 


04 से 08 मार्च 2003 को एझवाल में खेले गए Third Senior World Women’s Championship में Gold  Medal 


24 से 28 फरवरी 2004 में आसाम में खेले गए Fourth Senior World Women’s Championship में Gold Madal  


26 से 30 दिसंबर 2004 को केरल में संपन्न हुए Fifth Senior World Women’s Championship में Gold Medal  

29 नोहंबर से 03 दिसंबर 2005 में जमशेटपूर में खेले गए Six Senior World Women’s Championship में Gold Medal 

➤ 05 अक्टुंबर 2009 को जमशेटपूर में खेले गए Ten Senior World Women’s Championship में

Pre-semifinal हार गई।

एशिया मुक्केबाजी चैम्पियनशिप | Asia Boxing Championship

➤ एशिया-स्तरीय महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप | Asia-level women’s boxing championship

मेरी कोम Organized at the Asia level पर हासिल किये गए Medal की जानकारी

Mc Mery Kom

➤ एनडोअर एशिया गेम्स | Andor Asia Games


M.c Mery Kom

एशियाई खेल प्रतियोगिता | Asian Games Competition


Asian Games competition 2010

➤ एशिया कप महिला मुक्केबाजी समारोह | Asia Cup Women’s Boxing Festival


Asia Cup women's Boxing Festival 2011

➤विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता | World boxing competition


मेरी कोम ने world और International level पर आयोजित Women’s boxing championship में हासिल किये पदक की जानकारी। …

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विश्व कप | World Cup 


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➤ महिला विश्व कप | Women’s World Cup

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महिला मुक्केबाजी कप | Wins Women’s Boxing Cup

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➤महिला विश्व एमेच्योर मुक्केबाजी समारोह | Women’s World Amateur Boxing Festival

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ग्रीष्मकालीन ओलंपिक प्रतियोगिता | Summer Olympic Competition


Summer Olympic Competition

➤ लंदन ऑलिम्पिक 2012 

मेरी कोम 5 बार World Boxing Winners रही है। 6 बार World Boxing प्रतियोगिता में भाग लेकर प्रतियोगिता में Medal प्राप्त करनेवाली एकमेव महिला है। 2012 के लंदन ऑलिम्पिक में एक तो भी Medal मिलना चाहिए ऐसी जिद्द मेरी कोम की थी और Medal हासिल करने के लिए अभ्यास करने लगी।

➤मेरी कोम ने  London Olympic 2012 में पहली बार कास्य पदक Bronze Medal हासिल किये।

➤शादी और बच्चे होने के बाद महिला खिलाडी ने अपना सपना छोड़ देना चाहिए ऐसी मानसिकता है, शादी के बाद महिला की खेलने की इच्छा नहीं रहती यह समज गलत है। मेरी कोम ने Olympic में आदमी जैसा प्रदर्शन करके Boxing में कांस्य पदक हासिल किया और समाज में महिला के प्रति जो गैर समज है उसे दूर किया।

➤अपने परिवार का पति का मार्गदर्शन और अभ्यास चालू है तो हमें अपने जीवन में Success मिलेगी।यह मेरी कोम ने कर के दिखाया।

➤मेरी कोम कहती है , ” मेरे देशवाशियों को मेरी तरफ से Gold Medal हासिल करके लाएगी ऐसी इच्छा थी लेकिन यह इच्छा मै पूरी नहीं कर सकी इसलिए मुझे माफ़ कर दो। …….

➤मेरी कोम 5 साल के 2 जुड़वाँ बच्चों की मम्मी मेरी कोम भारत के सभी नवयुवक लड़को के लिए बहुत बड़ा आदर्श है।Persistence आदमी को बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल करवाती है।

➤मेरी कोम को भारतियों ने ”सुपर मॉम ” & ”टायगर मॉम”  किताब से नवाजा गया।

पुरस्कार और मान्यता | Awards and recognition 

मेरी कोम का London Olympic 2012 यह प्रतियोगिता आखरी प्रतीयतोगिता रहेगी क्योंकि 2016 का  में 33 साल पुरे कर रही है और उसके बाद मेरी में दमखम क्षमता रहती है या नहीं। मेरी को देश की Successful महिला होनेका मान मिला है। मेरी जिस प्रतियोगिता में भाग लेती थी उस प्रतियोगिता से Medal हासिल करती थी। 

➤2003 Boxing के लिए ”अर्जुन” पुरस्कार 

➤2006 खेल के लिए ” पद्मश्री ” पुरस्कार 

➤2007 राजीव गाँधी ”खेलरत्न” पुरस्कार

➤2007 Limca Book of Records

➤2008 CNN IBN के लिए रिलायंस उद्योग समूह के तरफ से ” रियल हीरो ” पुरस्कार

➤2008 का पेप्सी- M.TV के तरफ से ” युवा आयकॉन ” पुरस्कार

➤2008 नवी लाम्का वायपीर हॉल में झोमि स्टुडंडस फेडरेशन तरफ से सत्कार

➤2008 AIB तरफ से ” महान मेरी ” पुरस्कार

➤2009 राजीव गाँधी ”खेलरत्न” पुरस्कार

➤2009 आंतरराष्ट्रीय मुष्टियुद्ध संगटन की ”राजदूत” मान्यता

➤2010 महिला क्रिड़ापटु करके ” ससारा क्रीड़ा ” पुरस्कार

ऑलिम्पिक बक्षीश | Olympic prize 



मेरी कोम ने 2012 के लंदन Olympic में Women’s Boxing में कांस्य पदक हासिल करने के बाद राज्य सरकार के तरफ से मिलेहुए Prize

➤50 लाख रोख रक्क्म – राजस्थान State government

➤50 लाख रोख रक्क्म और दो एकर जमीन – मणिपुर State government

➤20 लाख रोख रक्कम – आसाम State government

➤10 लाख रोख रक्कम – अरुणाचल प्रदेश State government

➤10 लाख रोख रक्कम – आदिवासी मंत्रालय Indian government

➤40 लाख रोख रक्कम – उत्तर – पूर्व विभागीय परिषद

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